मंदिर में दर्शन करने गई चूड़ी व्यापारी की पत्नी और दो बहनों का दूसरे दिन गुरुवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका। इस मामले में पुलिस की ढीली कार्रवाई से नाराज परिवार सड़क पर उतर आया। परिवार और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पहले इन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना दिया, उसके बाद सीओ कार्यालय का घेराव किया। बाद में हाईवे जाम कर दिया। हाईवे जाम करने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शीघ्र बरामदगी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
बता दें, मंगलवार को राजराजेश्वरी कैला देवी के दर्शन करने जाते समय रामनगर निवासी निक्की की पत्नी मोना और बहन सपना व तुलसी का अपहरण हो गया था। गुरुवार को पीड़ित परिवार की महिलाएं व हिंदू जागरण मंच ब्रज प्रांत के कार्यकर्ता तहसील स्थित नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे और उनके न मिलने पर महिलाएं कार्यालय के अंदर धरना देकर बैठ गई। इस दौरान अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। आधार घंटा बाद भी जब सिटी मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे तो महिलाओं में आक्रोश फैल गया। यहां से यह लोग सीओ सिटी राजेश चौधरी के कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। सीओ के कार्यालय में भी घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। महिलाओं औरर पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद महिलाएं आटो में सवार होकर सुभाष तिराहे पहुंच गई और दोपहर में हाईवे जाम कर सड़क पर बैठ गई। करीब आधा घंटे बाद सीओ सिटी राजेश चौधरी, कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा, कोतवाल दक्षिण श्रीप्रकाश चंद्र यादव के साथ रामगढ़ थानाध्यक्ष मौके पर पहुंच गए। सीओ सिटी ने देर शाम तक महिला और युवतियों को बरामद कराने का अश्वासन देकर जाम खुलवा दिया।
बेटियों-बहू की फोन पर चीखें सुन फूटा था आक्रोश
पीड़ित परिवारीजनों ने बताया कि बुधवार देर शाम के बाद आरोपियों ने फोन किए। आरोपी धमकी देने के साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। बंधक बनाकर रखने के साथ ही उत्पीड़न के दौरान महिला और युवतियों के चीखने की आवाज भी परिवारीजनों को सुनाई गई। इसकी जानकारी पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। इससे उनमें आक्रोश था।
पीड़ित परिवार क्षेत्रीय लोगों के साथ नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह के कार्यालय पर पहुंचा। कई बार नगर मजिस्ट्रेट से संपर्क करने का प्रयास किया।आफिस में बैठे बाबू से भी नगर मजिस्ट्रेट के बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसकेे बाद महिलाओं ने सीओ सिटी के आफिस का घेराव करने के साथ ही पुलिसकर्मियों से सीओ के बारे में जानकारी की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में व्यस्त है। इसके बाद महिलाओं का रुख हाईवे की ओर हुआ।
बुधवार को राजस्थान में मिली लोकेशन
पीड़ित परिवारीजनों की माने तो आरोपियों द्वारा जो फोन किए जा रहे थे। उनके नंबर ट्रू कॉलर पर डालकर देखा गया तो पता चला कि आरोपी राजस्थान के गोपीनाथ नामक स्थान से बात कर रहे है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी बहू और युवतियों का अपहरण कर राजस्थान ले गए है।
गुरुवार को बंगलुरू पहुंच गई तीनों
मंगलवार सुबह लापता हुई चूड़ी कारोबारी की पत्नी अपनी दोनों ननंदों के साथ बंगलुरू पहुंच गई। इसका खुलासा लाइनपार पुलिस ने किया है। थानाध्यक्ष लाइनपार ने बताया कि युवती ने अपने भाई निक्की के फोन पर वहां होने की जानकारी दी है। युवतियों के साथ महिलाओं को लेने के लिए पुलिस को रवाना किया गया है। जबकि पीड़ित परिवार ने इस तरह की जानकारी से इनकार किया है।
नगर विधायक ने की खुलासे की मांग
पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी करने नगर विधायक मनीष असीजा उनके घर गए। वहां घटना की जानकारी ली और शासन स्तर पर मदद कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार से इनकी बरामदगी की मांग की है। विधायक मनीष असीजा ने कहा कि मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह से लचर है और बरामदगी जल्द होनी चाहिए।