फिरोजाबाद। हरियाली तीज और रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजार में चूड़ी की मांग बढ़ी है। चूड़ी गोदामों में ऑर्डर पर मॉल बाहर भेजे जा रहे हैं। चूड़ी गोदाम संचालकों के अनुसार हरियाली तीज और रक्षाबंधन को लेकर बाजार में हरी चूड़ी की मांग सबसे अधिक है। कारखानों में भी बाजार की मांग के हिसाब से उत्पादन का पहिया तेजी से चल निकला है। हरियाली तीज के साथ रक्षाबंधन का त्योहार करीब आ गया। 19 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। सुहागिनें इस त्योहार पर हरी चूड़ी सबसे अधिक पहनना पसंद करती हैं। क्योंकि इससे पहले हरियाली तीज के भी कई कार्यक्रम होते हैं। इस कारण बाजार में हरी चूड़ियों की मांग सबसे अधिक रहती है। रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर हरी चूडि़यों की मांग काफी तेजी से बड़ी है।
कारखानों में तैयार चूड़ियों की सजावट करने के साथ बाहर सप्लाई का काम गोदाम संचालक कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ ही दूसरे राज्यों से भी ऑर्डर आ रहे हैं। जिन गोदाम संचालकों के खुद ही गोदाम वहां स्थापित हैं वहां भी माल तुरंत तैयार कराके भिजवाया जा रहा है।
इन नाम व ब्रांड वाली चूड़ियों की मांग ज्यादा
चूड़ियों की बात करें तो इनमें हरे रंग की अंजू, निराली, दीपाली और पल्टू ब्रांड के अलावा राजा बाबू नाम की चूड़ी का उत्पादन सबसे ज्यादा है। क्योंकि इन नाम के ब्रांड वाली चूड़ी सस्ती होने के कारण मांग अधिक रहती है।
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कट-मेल के उत्पादन प्रक्रिया में आई तेजी
बाजार में मद्देनजर देश के घरेलू बाजारों के दुकानदार अलग-अलग माप और रंग वाली चूड़ी का स्टॉक पूरा कराने में जुटें हैं। यही कारण है कि फैंसी व सादा चूड़ी तैयार करने वाले गोदामों में चूड़ियों की खनक तेज हो गई है।
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हरियाली तीज और रक्षाबंधन को लेकर हरी चूड़ी की डिमांड अधिक है। आने वाले दिनों में सतरंगी व लाल चूड़ी भी बाजारों में दिखाई देगी। हम ऑर्डर के हिसाब से फिलहाल हरे रंग के अलग-अलग ब्रांड की चूड़ी तैयार करा रहे हैं।
अजय गुप्ता, चूड़ी गोदाम संचालक
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-सावन में हरे रंग की चूड़ी के लिए घरेलू बाजारों से नये ऑर्डर मिले हैं। आने वाले महिनों में शादी-सहालग भी होंगे। इस लिहाज से बाहर के दुकानदार अपने स्टॉक में कट मेल को पूरा करने के लिए अलग-अलग रंग व माप की फैंसी व सादा चूड़ी मंगा रहे हैं।
दिलीप मित्तल कांच चूड़ी गोदाम संचालक