फिरोजाबाद। मौसम में अचानक आए बदलाव ने उन किसानों की चिंता बढ़ा दी जिन्होंने गेहूं की फसल देर से बोई है। क्योंकि उनके सही पैदावार के लिए जल्दी पानी लगाना पड़ेगा। बदलते मौसम का असर मिर्च सहित अन्य फसलों पर भी पड़ेगा।
फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। बदलता मौसम सबसे अधिक देर से बोई (पिछैती) बोई गई गेहूं की फसल को करेगा। क्योंकि बड़ी संख्या में किसानों ने धान के साथ-साथ लाई एवं आलू की फसल को कच्ची खुदाई करने के बाद गेहूं की फसल बो दी थी। पिछैती गेहूं की फसल की बुवाई करने वाले किसानों को फसल की जल्दी-जल्दी सिंचाई करनी होगी। इसके साथ नारखी क्षेत्र में होने वाली मिर्च की फसल पर बदलते मौसम का असर पड़ेगा। कम फूल आने के कारण नई पैदावार नहीं हो सकेगी। हालांकि किसान मिर्च की फसल की हरी तोड़कर उसकी बिक्री करने में लगे हैं।
पंखा-एसी के मिस्त्री की होने लगी तलाश
फिरोजाबाद। मौसम में बदलाव होने के साथ घर-घर पंखा चालू हो गए। जिनके घरों में पंखा एवं एसी खराब पड़े हैं उनको सही कराने के लिए मिस्त्री की तलाश शुरू कर दी है। कारखानों में तापमान अधिक होने के कारण यहां सबसे पहले एसी की जरूरत होगी। इलेक्ट्रानिक्स दुकानदारों ने भी गर्मी के हिसाब से पंखा एवं कूलर के सामान को सजाना शुरू कर दिया है।
-बदले मौसम से पिछैती बोई गई गेहूं की फसल के साथ कुछ सब्जियों की फसलें प्रभावित होने की संभावना है। पिछैती गेहूं की फसल में जल्दी-जल्दी पानी लगाने के साथ दाना कम बढ़ेगा इससे सीधे पैदावार प्रभावित होगी। आलू की फसल तैयार हो चुकी है।
डॉ. हंसराज उप निदेशक कृषि प्रसार फिरोजाबाद।