फिरोजाबाद। जिले में विद्यार्थियों को नवाचार और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। जिले के दो और राजकीय विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) स्थापित की जाएगी। प्रत्येक लैब की स्थापना पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होंगे।
राजकीय विद्यालय रामदासपुरा और राजकीय इंटर कॉलेज जसराना का चयन किया गया है। इससे पहले जिले के राजकीय इंटर कॉलेज नसीरपुर, राजकीय कॉलेज टूंडला और नगला बल्ल में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा चुकी हैं। अब दो और विद्यालयों में लैब बनने के बाद जिले में अटल टिंकरिंग लैब की संख्या पांच हो जाएगी।
बच्चों को मिलेगा प्रयोग और नवाचार का मौका
अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। लैब में सामान्य तौर पर रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, माइक्रोकंट्रोलर, 3-डी प्रिंटर, ड्रोन, रोबोटिक्स से जुड़े उपकरण और कंप्यूटर आधारित प्रोग्रामिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चे मॉडल तैयार करने, प्रोटोटाइप बनाने और अपनी तकनीकी सोच को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर सकेंगे।
लैब का उद्देश्य बच्चों में क्रिएटिविटी, समस्या समाधान, डिजाइन थिंकिंग और नवाचार की क्षमता विकसित करना है। विद्यालयों में तैयार होने वाले प्रोजेक्ट स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी आधारित हो सकेंगे।
पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिला लाभ
- जिले में पहले से संचालित तीन अटल टिंकरिंग लैब के बाद अब रामदासपुरा और जसराना के विद्यालय भी इस सुविधा से जुड़ेंगे। इससे राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही आधुनिक तकनीक और प्रयोगात्मक शिक्षा का अवसर मिलेगा।
- अटल टिंकरिंग लैब विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग के जरिये सीखने का अवसर देती हैं। रामदासपुरा और जसराना में लैब स्थापित होने से इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी नवाचार, रोबोटिक्स और तकनीकी गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिलेगा। लैब को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और सक्रिय बनाने पर जोर दिया जाएगा।
मुदिता पांडेय, डीआईओएस