विधानसभा चुनाव में जिला प्रशासन हाईटेक प्रणाली का प्रयोग करेगा। राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों को सभाओ, हेलीपैड एवं वाहनों की अनुमति के लिए प्रशासन के कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी होगी। अब 24 घंटे में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर अनुमति आरओ द्वारा दी जाएगी।
चुनाव प्रणाली को इस बार आयोग ने काफी हाईटेक बना दिया है। प्रशासन ने आयोग के निर्देशानुसार राजनीतिक दलों के खर्चे पर रोक लगाने के लिए काफी सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। आयोग द्वारा राजनीतिक दलों की भागदौड़ रोकने के लिए कई एप की शुरूआत की है। डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश प्रकाश ने बताया चुनाव के दौरान होर्डिंग्स लगाने, सभा के स्थान, जुलूस, रैली, हेलीपैड आदि की अनुमति देने के लिए आवेदन ई-सुविधा एप पर करना होगा। वहीं शिकायतों को दर्ज कराने के लिए ई समाधान एप का प्रयोग किया जाएगा। किस मतदाता का बूथ कहां होगा? इसकी जानकारी ई-सुगम एप पर मिलेगी। लेखा संबंधी ब्योरा दर्ज कराने के लिए ई-सुलेखा एप काम करेगा। नामांकन साथ ही एप पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आदि लगाने के लिए पुलिस के साथ अन्य विभागों का कर्मचारी भी संबंधित आरओ के समक्ष तैनात रहेंगे। एसएसपी से विधानसभा के हिसाब से पुलिस स्टाफ का आवंटित करने के लिए कहा गया है।