हाईवे पर फुल स्पीड पर दौड़ते वाहनों से आए दिन होने वाले हादसे यूं ही नहीं होते। हाईवे पर अव्यवस्थाएं हैं, जिन पर प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी ध्यान नहीं देता है। यदि सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो काफी हद तक हादसों पर लगाम लग सकती है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा वर्षों पूर्व फोर लेन हाईवे का निर्माण कराया गया है। इस पर दिन-रात हजारों वाहन फुल स्पीड से दौड़ते हैं। इनमें से कई वाहन आए दिन हादसे का सबब बनते हैं। हाईवे पर आए दिन होने वाले हादसों की कई वजह हैं, जिन पर यदि जिम्मेदार विभाग गंभीरता दिखाएं तो कई लोगों की जान बच सकती है। एनएचएआई द्वारा हर साल हाइवे की मेंटीनेंस के लिए लाखों रुपये का टेंडर उठाया जाता है, लेकिन टेंडर पाने वाले ठेकेदार कभी मेंटीनेंस करते नजर नहीं आते। हाईवे पर आए दिन होने वाले हादसों के कारण उसायनी, राजा का ताल, नगला भाऊ, जैन नगर, सुभाष तिराहा, जिला अस्पताल, आसफाबाद, मौढ़ा कनेटा, जिला मुख्यालय से मक्खनपुर तक जगह-जगह रेलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं कई स्थानों से पूरी रेलिंग ही गायब हैं। ऐसे में हाईवे पर दौड़ते वाहन रेलिंगों में फंस कर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। एनएचएआई द्वारा महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ी रेलिंगों को आजतक बदलने की जहमत नहीं उठाई गई।
हाईवे पर ही खड़े रहते हैं खराब वाहन
हाइवे पर अक्सर जगह-जगह खराब वाहन खड़े नजर आते हैं। रात्रि के अंधेरे में स्पष्ट दिखाई न देने के कारण अक्सर इन्हीं वाहनों से गंभीर हादसे हो जाते हैं। एसपी के निर्देश के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा हाईवे पर खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस गंभीरता से इस मामले पर पहल करे तो काफी हादसे रुक सकते हैं।
होती है सामन की लोडिंग-अनलोडिंग
फीरोजाबाद में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना न होने के कारण हाईवे पर जगह-जगह बड़े वाहनों से लोडिंग-अनलोडिंग होती है। राजा का ताल से लेकर आसफाबाद तक दर्जनों ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं। स्थानाभाव के चलते ट्रांसपोर्ट संचालक दिन हो या रात, बेधड़क हाईवे पर ही सामान की लोडिंग-अनालोडिंग कराते हैं। इनके खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
पर्याप्त रोशनी न होना भी हादसों का कारण
हाइवे पर पर्याप्त रोशनी न होना भी हादसों की प्रमुख वजह है। उसायनी से लेकर सुभाष तिराहे तक, जाटवपुरी से जिला मुख्यालय तक हाईवे पर कहीं स्ट्रीट लाइट का इंतजाम नहीं है। विकास प्राधिकरण द्वारा सुभाष तिराहे से जाटवपुरी तक स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं। डिवाइडर के बीचोंबीच लगवाए पोल भी अक्सर झुक जाते हैं, यह पोल भी हाइवे पर हादसों का सबब बनते हैं।