चांद का दीदार होने के साथ रमजान माह की शुरूआत हो गई। मस्जिदों एवं इबादतगाहों की ओर रोजा रखने वालों की भीड़ दिखाई दी। तराबीह पढ़ने की शुरूआत हुई और बाजार भी रमजान माह में प्रयोग होने वाली खाने-पीने के सामानों से सज गया, घरों पर भी पाक माह की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया।
आखिर जिस रमजान पाक माह की शुरूआत का इंतजार था वह चांद दिखने के साथ हो गया। ऐलान के साथ ही मस्जिदों में तराबीह कुरान शरीफ को पढ़ने की शुरूआत रोजेदारों ने कर दी। रोजा रखने के साथ पूरे दिन का शेडयूल तय किया जाने लगा। इफ्तार एवं सेहरी के वक्त पर समय से उठने के साथ पांच वक्त की नमाज का ध्यान रखा जाने लगा। घरों पर बुजुर्गों के साथ महिला सदस्यों के द्वारा रोजे की तैयारी चल रही थी। युवाओं के साथ बच्चे भी रोजा रखने में पीछे नहीं दिखे। पवित्र माह के प्रति मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में उत्साह दिखाई दिया। बाजारों में सेवइयों एवं फेनी की बिक्री शुरू हो गई। हर कोई अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर रहा था। वहीं इफ्तार के दौरान खजूर का प्रयोग होने के कारण फलों की दुकानों पर खजूर सजा दिखाई दिया।
रोजा रखने का बच्चों, युवाओं में दिखा उत्साह
-12 वर्षीय जहरान खान ने गतवर्ष पूरे रोजे रखे। उम्र होने के बावजूद भी उसने पूरे रखने की तैयारी की है।
- 11वर्षीय मोहम्मद अल्सबीर पहली बार रोजा रखने की तैयारी में जुटे हैं। वह कहते हैं कि हमारा साथी जहरान ने 30 दिन के रोजे रखे लेकिन हम 20 दिन के रोजा रखेंगे। कई दिनों से तैयारी कर रहे हैं।
- दस वर्षीय अहराम खान भी पहली बार रोजा रखने की तैयारी करते दिखाई दिए। बोले परिवार से रोजा रखने की सीख मिली।
- 16 वर्षीय जरयाब खान बोले की रोजा प्रत्येक नागरिक को रखना चाहिए। रमजान के पाक माह में अल्लाह ताला की इबादत करनी चाहिए।
युवतियां भी इबादत में जुटीं
चांद दिखने के साथ रमजान पाक माह की शुरूआत के साथ महिलाओं एवं युवतियों ने इबादत करनी शुरू कर दी। 12 वर्षीय इंशा दूसरी बार रोजा रखेंगी। चांद के दिखाई देने के साथ ही इबादत करनी शुरू कर दी। इंशा कहती हैं कि रोजा रखने से मन को शुकून मिलता है। वहीं लाइवा तो पिछले तीन वर्ष से लगातार रोजा रखती चली आ रही हैं। अल्लाह ताला का ही हुक्म मानकर हमें रोजा रखने चाहिए। इससे खुद को भी शुकून मिलता है और गरीब व भूखे प्यासे लोग कैसे जीवन गुजारते हैं इसका अहसास हो जाता है।
अव्यवस्थाएं हावी, डीएम दरबार तक फरियाद
फीरोजाबाद। नगर निगम प्रशासन मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में रमजान माह में चाक चौबंद व्यवस्थाओं के लाख दावे करे लेकिन हकीकत कुछ और है। सर्विस रोड पर जलभराव की फरियाद लेकर गुरुवार को क्षेत्रीय बाशिंदे डीएम दरबार पहुंचे। डीएम के मौजूद नहीं होने के कारण उन्होंने वहां मौजूद अफसर को शिकायती पत्र सौंपा। कहा रमजान माह में जलभराव रोका जाए जिससे जाटवपुरी चौराहे पर स्थित मस्जिद में इबादत करने के लिए जाया जा सके। अफसरों को वहां के हालात के मोबाइल में खींचे फोटो दिखाए। चेतावनी दी कि यदि जलभराव की समस्या को हल नहीं कराया तो जुमा की नमाज के बाद जाटवपुरी चौराहे पर जाम लगाने को विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। शिकायत करने वालों में डा.बशीर खान, आसिफ खान, इमरान मलिक, हाजी कासिम, सलमान, साकिव, फैजान खान, हाजी खुर्शीद, परवेज खान भट्ठी वाले, फहीम खान, सद्दाम हुसैन, शानू खान आदि शामिल थे।
रमजान माह में सेहरी के वक्त तड़के इबादत करने जाने वालों को ध्यान में रखते हुए मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस फोर्स तैनात रहेगा। पुलिस की टीमें सक्रिय रहेंगी।
राजेश चौधरी, सीओ सिटी फीरोजाबाद।