पुलिस की मनमानी और अपराधियों को संरक्षण का नमूना शुक्रवार को नजर आया। पुलिस ने पशु तस्करी और अवैध कट्टी घर चलाने के आरोपियों को शांति भंग में जेल भेज दिया। पुलिस ने तहरीर आने तक का इंतजार नहीं किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख अपनाया तो अधिकारी मामले को दबाने में लग गए।
गौरतलब है कि शुक्रवार रात सिटी मजिस्ट्रेट ने छापामार कार्रवाई कर नौ पशु तस्कर और कट्टी घर संचालक दबोचे थे। उन्हें रामगढ़ पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने उनसे पूछताछ की और शांतिभंग की कार्रवाई कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। जबकि पशु तस्कर और अवैध कट्टी घर चलाने वाले गुड्डू, जीशान, अकरम, आसिफ, नूर आलम, शानू, इसरार, छोटे, रिहान को पुलिस द्वारा पशु वध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना था। सिटी मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने बताया कि मामले से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत करा दिया गया है। रामगढ़ पुलिस की शिकायत डीएम व एसएसपी से की जाएगी। पशु चिकित्सक से रिपोर्ट मांगी गई है। जिससे आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा सके
नहीं है मामले की जानकारी
तहरीर न आने की दशा में रामगढ़ पुलिस ने आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। यदि मामले की तहरीर सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से आती है तो जांच की जाएगी और मुकदमा लिखा जाएगा।
राजेश चौधरी, सीओ सिटी