फिरोजाबाद। अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और जिला प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देने पहुंची कार्यकर्ताओं की अगुवाई कर रहे संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला कार्यक्रम अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं ने अधिकारी के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद डीपीओ को वहां से जाना पड़ा।
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की जिलाध्यक्ष सरिता यादव और उपाध्यक्ष प्रमिला गुप्ता के नेतृत्व में भारी संख्या में महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंची थीं। कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा राज को देखकर डीपीओ केशरीनंदन तिवारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने जब कार्यकर्ताओं से पूछा कि आप इनके (राजेश शर्मा) साथ क्यों आती हैं? तो महिलाएं भड़क गईं। विरोध बढ़ता देख डीपीओ मौके से चले गए, जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
मानदेय काटने और एफआईआर की चेतावनी
इस प्रदर्शन और बहस के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी केशरीनंदन तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा महिला कार्यकर्ता वर्किंग टाइम में कार्य छोड़कर ज्ञापन देने आई हैं। उनकी जांच कराकर नोटिस दिया जाएगा और मानदेय कटौती की कार्रवाई होगी। यह संगठन पंजीकृत नहीं है। राजेश शर्मा की जांच कराकर उनके खिलाफ अभियोग दर्ज कराई जाएगी। पूरी स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
इस दौरान सीमा सिंह, भूरी सिंह, सीटू, पंकज देवी, रेनू, सुमन, सरोज देवी, सुनीता जैन, क्रांति देवी, अनुराधा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो लखनऊ करेंगे कूच
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हुंकार भरी। कहा, उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, पेंशन और ग्रेच्युटी दी जाए। आंगनबाड़ी को मुख्य सेविका और सहायिका को आंगनबाड़ी के पद पर प्रमोट किया जाए। मोबाइल खरीदने के लिए 20 हजार रुपये और प्रतिमाह 2500 रुपये रिचार्ज भत्ता मिले। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि 7 मार्च तक निर्णय नहीं हुआ, तो 8 मार्च से लखनऊ कूच किया जाएगा और अप्रैल से ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया जाएगा।