फिरोजाबाद। शहर में व्याप्त जाम की समस्या अब लोगों की जिंदगी पर हावी होने लगी है। शनिवार को एक बालक ई-रिक्शा की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके सिर से खून निकल रहा था।
घायल को एंबुलेंस लेकर सरकारी ट्र्रॉमा सेंटर आ रही थ, लेकिन सर्विस रोड पर इतना भीषण जाम था कि एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। इसके बाद परिजन उसे गोद में ही सरकारी ट्राॅमा सेंटर लेकर पहुंचे। शहर के लोग पिछले काफी समय से जाम की समस्या का दंश झेल रहे हैं।
फिर चाहें नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस या फिर प्रशासनिक अफसरों के द्वारा कई बार कार्य योजनाओं का पिटारा खोला गया हो, लेकिन वह कार्ययोजनाएं अफसरों के तबादले के साथ ही दम तोड़ गईं। कई मुख्य स्थानों पर जाम लगने का मुख्य कारण लोगों की मनमानी भी है। प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर के सर्विस रोड पर 24 घंटे प्राइवेट एंबुलेंस, वाहन व ठेले वालों का कब्जा रहता है।
प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर के बाहर जाम लगने के कारण पूरा मार्ग जाम हो जाता है।
शनिवार को जलेसर रोड कौशल्या नगर निवासी आनंद का 10 वर्षीय पुत्र आदर्श ई-रिक्शा की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सरकारी एंबुलेंस से सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही सर्विस रोड पर जगे जाम के कारण एंबुलेंस के पहिए थम गए।
करीब 30 से 45 मिनट के इंतजार के बाद भी जाम नहीं खुल सका। फिर परिजन ने बालक को एंबुलेंस से उतारा और गोद में ही अस्पताल लेकर पहुंचे। जिससे समय से उसे उपचार मिल सका।