शिकोहाबाद। रोडवेज बसों में सांसद-विधायकों के लिए आरक्षित सीटों पर पिछले दो साल से किसी ने भी यात्रा नहीं की है। सिर्फ जसराना विधायक ने एक बस के संचालन को मंजूरी दिलाने के बाद एक दिन बस से कुछ दूरी का सफर किया है। यह बात हम नहीं बल्कि एआरएम शिकोहाबाद कहते हैं।
शिकोहाबाद डिपो से 90 रोडवेज बसें प्रतिदिन अलग-अलग रूटों पर संचालित होती हैं। सभी में सांसद-विधायक के सफर के लिए सीट आरक्षित हैं। एआरएम शिकोहाबाद प्रेमपाल बताते हैं कि लगभग पिछले दो साल से किसी भी जनप्रतिनिधि ने बस में सफर नहीं किया है। ऐसे में उनको बसों की स्थिति की जानकारी भी न के बराबर ही है। जनप्रतिनिधियों की सीटें प्रतिदिन खाली ही रहती हैं। ऐसे में दैनिक यात्री ही इन आरक्षित सीटों पर सफर करते हैं। जिनसे हम राजस्व की प्राप्ति करते हैं। उन्होंने बताया कि बसों में विकलांग यात्रियों के लिए भी सीटें आरक्षित होती हैं। उन पर यात्रा करने वाले विकलांग लोगों का डाटा उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजा जाता है। परिवहन निगम की बस में दिव्यांगजनों,मान्यता प्राप्त पत्रकार के साथ-साथ महिलाओ के लिए भी सीट आरक्षित रहती हैं। संवाद