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Firozabad News: बिगड़ी हवा की सेहत, एक्यूआई 214 पर पहुंचा

Tue, 05 Nov 2024 11:07 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। दिवाली के बाद मंगलवार को सुहागनगरी में हवा की सेहत फिर से बिगड़ गई। सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता का सूचनांक (एक्यूआई) मंगलवार को अधिकतम 214 और न्यूनतम 171 दर्ज किया गया। 31 अक्तूबर की रात करीब 10:30 बजे सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता सर्वाधिक खराब स्थिति में 311 एक्यूआई दर्ज की गई। दीपोत्सव के बाद नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हवा की गुणवत्ता के सुधार को जरूरी प्रयास शुरू किए। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बनी कार्ययोजना अमल में लाने से हवा की सेहत में बीते दो दिन मामूली सुधार दिखा। लेकिन मंगलवार की सुबह से ही सुहागनगरी में हवा की सेहत बेहद खराब स्थिति में रही। सुबह करीब 10 बजे 214 एक्यूआई दर्ज किया गया। जबकि शाम को हवा में मामूली सुधार के साथ 171 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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चौराहों पर जाम, वाहन उगल रहे कार्बन
धूल के कण सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता खराब कर रहे हैं। जबकि शहर के प्रमुख चौराहों जैन मंदिर, नगला बरी, आसफाबाद, मीरा चौराहा और स्टेशन रोड पर लगने वाले जाम में फंसकर कार्बन उगल रहे वाहन भी हवा की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं।
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हॉट स्पॉट इलाकों में नहीं बरती जा रही सतर्कता
सीपीसीबी द्वारा वायु प्रदूषण के लिहाल से अत्याधिक कार्बन व धूल उड़ने वाले आठ प्रमुख स्थानों को चिह्नित किया था। इन जगहों पर जाम नहीं लगने देने, कच्ची सड़क पटरी पर धूल के कणों पर अंकुश की हिदायत दी थी। इसके बाद भी हॉट स्पॉट इलाकों जैन मंदिर चौराहा, ककरऊ कोठी, राजा का ताल, रेलवे स्टेशन रोड, आसफाबाद, नगला बरी, जलेसर रोड, बंबा चौराहा पर वायु गुणवत्ता सुधार को बनी कार्य योजना धरातल पर नहीं है।
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वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बनी कार्ययोजना
-शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या का निदान।
-हाॅट स्पॉट इलाकों में दिन में तीन बार पानी का छिड़काव।
-निर्माण अपशिष्टों का उचित निस्तारण व ग्रीन पर्दे से ढकना।
-औद्योगिक अपशिष्ट व घरों से निकलने वाले कूड़े का उचित निस्तारण।
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हवा की गुणवत्ता को खराब करने वाले तत्वों व कारणों पर अंकुश लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चौराहों पर जाम व कच्ची सड़क पटरियों पर उड़ने वाली धूल हवा की सेहत पर विपरीत प्रभाव डाल रही है।
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राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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