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चिलचिलाती धूप ने बढ़ाई धान-बाजरा उत्पादक किसानों की चिंता

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फिरोजाबाद। बदलते मौसम ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी। धान व बाजरा की पैदावार करने वाले किसान चिल-चिलाती धूप को फसलों के लिए नुकसानदायक मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे पैदावार प्रभावित होगी।
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बारिश इस बार मानक के हिसाब से नहीं हुई। कम बारिश के बावजूद रुक-रुक कर होते रहने से किसानों को अभी तक तो राहत मिलती रही, लेकिन एक सप्ताह से आसमान साफ होने के साथ जिस प्रकार चिल-चिलाती धूप निकल रही है उससे किसानों के चेहरे पर शिकन दिखाई देने लगी।
जिले में 23 हजार हेक्टेयर में धान की फसल व करीब 80 हजार हेक्टेयर में बाजरा की फसल बोने वाले किसान चिंतित हैं। एक यदि एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो बाजरे के साथ धान की फसल सूखने की स्थिति में होगी। इससे न सिर्फ उत्पादन प्रभावित होगा, बल्कि काफी फसल चारे के रूप में प्रयोग करने को विवश होना पड़ेगा।
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...तो बर्बाद हो जाएंगी फसलें.....
- धान की फसल करने वाले अंगदपुर निवासी किसान प्रेमचंद्र कहते हैं कि फसल के लिए हमेशा पानी की जरूरत होती है। आसमान साफ होने के साथ धान उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिखाई देने लगा है। यदि ऐसा मौसम रहा तो हजारों धान उत्पादक किसान बर्बाद हो जाएंगे।
- धान पैदा करने वाले हाकिम सिंह कहते हैं कि धान, बाजरा की तो फसल पानी पर आधारित हैं। पानी नहीं होगा तो फसल कैसे होगी। सिर्फ वहीं धान की फसल हो पाएगी जो खेत नदी,नहर के किनारे हैं या फिर जिनके पास पानी के संसाधन हैं।
- रघोल निवासी अखैराम कहते हैं कि बाजरा की फसल बारिश नहीं होने से प्रभावित होगी। चिल-चिलाती धूप के कारण पत्तियों समिटना शुरू हो गई। पानी नहीं बरसा तो फिर दाना पतला हो जाएगा। सीधे पैदावार पर असर पड़ेगा। बारिश की जरूरत है।
- नगला बहादुर निवासी चंद्रमोहन कहते हैं कि यमुना की तलहटी का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ बारिश के पानी पर बाजरा की फसल बोवाई करता है। बारिश नहीं हुई तो हजारों हेक्टेयर बाजरा की फसल सूख जाएगी। इससे चारे के साथ अनाज का संकट खड़ा होगा। किसान यही उम्मीद लगाए बैठे हैं शायद इंद्रदेव की मेहरबानी हो जाए।
मौसम जिस तरह से साफ होने के साथ चिल-चिलाती धूप निकलना शुरू हो गई यह मौसम धान, बाजरा सहित अन्य फसलों के लिए हानिकारक है। अभी नहीं यदि एक सप्ताह और मौसम ऐसा रहा तो सूखे जैसे हालात बनने लगेंगे। वैसे उम्मीद है कि बारिश अभी होगी।
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डॉ. हंसराज, उप निदेशक कृषि प्रसार
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