एक मौत के बाद मृतक के घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद।
फिरोजाबाद। लेबर कॉलोनी निवासी कोरोना संक्रमित एक वृद्ध की मौत आगरा मेडिकल कॉलेज में हो गई। छारबाग में वृद्ध का अंतिम संस्कार कराया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के घर पहुंचकर जानकारी हासिल की। हालांकि मरीज के संपर्क में आने वाले परिजन के सैंपल नहीं लिए गए हैं।
लेबर कॉलोनी निवासी मुसाफिर राम (78) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्हें फिरोजाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर मरीज को 24 मई को आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। 25 मई को निजी लैब में कोरोना की जांच कराई। 26 को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। मृतक के बेटे सुनील ने बताया कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आगरा के निजी अस्पताल से मरीज को बाहर कर दिया गया। वह आगरा के मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने पहुंचे। यहां मरीज की मौत हो गई। परिजन ने मृतक का अंतिम संस्कार छारबाग में कराया। मृतक श्रम विभाग में अर्दली पद से सेवानिवृत्त थे। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली तो टीम मृतक के घर पहुंची। यहां कागजी कार्रवाई पूरी करके टीम वापस लौट आई। सीएमओ डॉ. रामबदन राम ने बताया कि कोरोना को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। हमने टीम को मृतक के घर भेजा था।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए 35 लोग
कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखी गई। अंतिम संस्कार में करीब 35 लोग शामिल हुए। मृतक के घर के आसपास के लोगों को भी यह जानकारी नहीं थी कि वह मृतक कोरोना पॉजिटिव थे। देर शाम जैसे ही यह जानकारी लोगों को मिली तो लोगों ने सतर्कता के मद्देनजर घरों की धुलाई आदि की गई। वहीं आसपास के लोग मॉस्क आदि भी खरीदकर लेकर आए। जबकि सबसे बड़ी लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की नजर आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहा। कोई भी जांच के सैंपल नहीं लिए गए।
कोविड कंट्रोल रूम सक्रिय
फिरोजाबाद। कोरोना अलर्ट के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गाइडलाइन का इंतजार में लापरवाह देखा जा रहा था। एक मरीज पॉजिटिव आने के बाद कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी कि गए कि कोरोना मरीजों की निगरानी करें। गाइडलाइन का पालन कराया जाए।
कोविड की तीनों वैक्सीन लग चुकी थी
परिजन ने बताया कि कोरोना लहर के बाद जब वैक्सीन लगवाई जा रही थी तब कोविड से बचाव के लिए मुसाफिर राम को तीनों वैक्सीन लगवाई गई थीं।