फिरोजाबाद। डीएपी के बाद अब आलू बीज के लिए किसानों में मारामारी होने लगी है। कुफरी बहार प्रजाति के आलू की मांग सबसे अधिक होने के कारण किसान विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। विभाग ने पहले आओ एवं पहले पाओ के आधार पर आलू बीज दिए जाने का निर्णय लिया है। जबकि अन्य प्रजातियों के आलू की मांग किसान काफी कम कर रहे हैं। शुक्रवार को उद्यान विभाग की नर्सरी में आवेदन के लिए किसानों की भीड़ रही। आलू की बुवाई की तैयारी किसान करने में जुटे हैं। उद्यान विभाग ने किसानों को उन्नतिशील आलू का बीज मुहैया कराने के लिए तीन हजार क्विंटल आलू बीज की मांग शासन से की है। इसमें कुफरी बहार के साथ अन्य प्रजाति का बीज शामिल है। लेकिन जिले के किसानों की ओर से कुफरी बहार (3797) की डिमांड सबसे अधिक की जा रही है। कुफरी बहार के लिए ही उद्यान विभाग की विकास भवन स्थित नर्सरी पर आवेदन करने वाले किसानों की भीड़ लगी हुई है।
उद्यान विभाग ने आवेदन के साथ ही बीज लेने वाले किसानों से पैसा भी जमा कराना प्रारंभ कर दिया है, जिससे आलू का बीज आते ही उसका उठान हो सके। किसानों के द्वारा कुफरी बहार के अलावा अन्य प्रजाति के आलू बीज के लिए आवेदन नहीं किया जा रहा है। इसके कारण दिक्कत हो रही है।
किसान अभी जमा कर सकते हैं आवेदन
उद्यान निरीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि आलू बीज के लिए अभी तक 250 किसानों के द्वारा आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि किसान अभी आलू बीज के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसानों को कुफरी बहार के अलावा अन्य प्रजाति के बीज भी लेना चाहिए।
-किसानों द्वारा कुफरी बहार प्रजाति के आलू की सर्वाधिक डिमांड की जा रही है। इसके लिए पैसा आवेदन के साथ ही जमा कराया जा रहा है। कुफरी बहार की डिमांड अधिक होने के कारण 300 क्विंटल आवंटन बढ़ाए जाने के लिए पत्र भेजा गया है। ताकि किसानों को आलू का बीज मिल सके।
डाॅ. संजीव कुमार वर्मा जिला उद्यान अधिकारी