मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला पीलिया निवासी अधिवक्ता धर्मेंद्र यादव
(45) पुत्र भोलानाथ यादव सोमवार रात करीब आठ बजे आगरा से घर लौट रहे थे।
मटसेना के विजयपुरा फाटक के समीप सरकारी नलकूप की समीप पहले से घात लगाए
बैठे लोगों ने धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आसपास आबादी न होने
के कारण काफी देर तक धर्मेंद्र का शव मौके पर ही पड़ा रहा। रात करीब नौ
बजे गश्त के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र को लहूलुहान देखा तो जिला अस्पताल
में भर्ती कराया लेकिन यहां धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। धर्मेंद्र
की हत्या की खबर सुनते ही अधिवक्ता को गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात शव का
पोस्टमार्टम करा परिवारीजनों को सौंप दिया। इधर, हत्याकांड में मृतक के भाई
की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। मामले में
शक के आधार पर कुछ लोगोें के यहां देर रात दबिश दी गई पर सफलता नहीं मिली।
परिवारीजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीण और
परिवारीजन देर रात जिला अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर रात करीब 12 बजे एसपी
पीयूष श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंच गए। एसपी ने परिवारीजनों से घटना के
बारे में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े कुछ तथ्य हाथ
लगे। आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए एसपी ने तत्काल चार टीमों का गठन
कर दिया। सीओ सदर जगदीश सिंह का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए प्रयास
किए जा रहे है। रात में कई स्थानों पर दबिश दी गई लेकिन वहां हत्या के तार
जुड़े होना नहीं पाया गया।
हत्या की खबर सुनते ही फैला आक्रोश
पुलिस
और परिवारीजन पहले तो धर्मेंद्र की मौत को हादसा मान रहे थे। बाद में,
मृतक फुफेरे भाई ने उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं देखकर हत्या की
आशंका जाहिर की। इसके बाद शव के कपड़े उठाकर देखे तो बाएं हाथ के नीचे गोली
का निशान था। इस पर परिवारीजनाें का आक्रोश भड़क गया। परिवारीजनों का
पुलिस से विवाद भी हुआ।
पांच छह फुट की दूरी से मारी गई गोली
पीएम
रिपोर्ट पर गौर करें तो धर्मेंद्र यादव को गोली करीब पांच छह फूट की दूरी
से मारी गई थी। उनके शरीर से मिली गोली 315 बोर की है। गोली के शरीर में
घुसते ही धर्मेंद्र के फेफड़ों और दिल ने काम करना बंद कर दिया था। इससे
उनकी मौके पर ही मौत हो गई।