फिरोजाबाद ! सोहम महामंडल द्वारा आयोजित विराट संत सम्मेलन में प्रवचन देते संत
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फिरोजाबाद। अखिल भारतीय सोह्म महामंडल शाखा फिरोजाबाद के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संत सम्मेलन के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को सोह्म महामंडल के अध्यक्ष स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि मन को संभाले रखने के लिए अनुकूलता आवश्यक है। प्राणीमात्र को विषय परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखना बुद्धिमता है।
जैननगर स्थित आश्रम पर आयोजित संत सम्मेलन में स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जीवन में अनुकूलता के साथ-साथ प्रतिकूलता भी आती है। हमें अच्छे विचारों के तैयार रहना चाहिए। प्राणीमात्र को दुख में घबराना नहीं चाहिए। सुख एवं दुख एक दूसरे के दो पहलू हैं। व्यक्ति को सुख आने पर अति उत्साहित नहीं होना चाहिए। हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने के लिए प्राणीमात्र को तैयार रहना चाहिए। शांतचित्त व्यक्ति भगवान के करीब होता है।
रामायण के मर्मज्ञ स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन में अनुकूलता एवं प्रतिकूलता का अपना महत्व है। दोनों परिस्थिति में प्राणीमात्र को सावधानी बनाए रखना आवश्यक है। स्वामी प्रज्ञानंद महाराज, स्वामी अनंतानाद महाराज, स्वामी नारायणानंद महाराज ने भी विचार व्यक्त किए। शाम को आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया। चंद्रप्रकाश शर्मा, द्विजेंद्र मोहन शर्मा, उमाकांत पचौरी एडवोकेट, श्याम सिंह यादव, सुनील कुमार बब्बी, जगदीश यादव, महेंद्र सिंह छोटे, शिव नारायन यादव, अनुग्रह गोपाल अग्रवाल, कृष्णकांत गुप्ता, प्रवीन अग्रवाल, मनोहरलाल, अश्वनी मोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।