फिरोजाबाद। जनपद में नकली दूध और पनीर का बड़े स्तर पर कारोबार किया जा रहा है। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में हुआ है। पूर्व में लिए नमूनों की रिपोर्ट में दूध, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थ मानव जीवन के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। दूध, पनीर में रिफाइंड, ग्लूकोज एवं अन्य खतरनाक रसायन की मिलावट होने की पुष्टी हुई है। इन विक्रेताओं के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किए जाने की तैयारी है। खाद्य सुरक्षाधिकारी अरुण कुमार ने छह मार्च को मिश्रित दूध का नमूना द्वारिकापुरम एत्मादपुर निवासी पवन बघेल से लिया था। जांच में दूध का नमूना मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया है। दूध में रसायन की मिलावट होने की पुष्टि हुई है।
इधर, कान्हा ढावा, ढोलपुरा से पनीर का नमूना संकलित किया। पनीर भी केमिकल एवं अन्य पदार्थों से बनाया गया था। नगला चूरा गांव निवासी मुकेश कुमार से 31 दिसंबर को दूध का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट में दूध में भी रसायन पदार्थों की मिलावट पाई गई। पांच मार्च को टूंडला के लाइनपार क्षेत्र से हरी सिंह की दुकान से घी का नमूना संकलित कर जांच के लिए भेजा। घी में भी रसायनिक पदार्थों की मिलावट पाई गई। इसलिए घी को भी जांच रिपोर्ट में मानव जीवन के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया। लॉकडाउन की अवधि में 19 अप्रैल को सिरसागंज में चंद्रशेखर से गुटका का नमूना लिया। इसमें खतरनाक केमिकल बनाए जा रहे थे। जो मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया गया है। मेसर्स नव दुर्गा ढावा से लिया गया पनीर के नमूने में भी रसायन पदार्थों की मिलावट पाई गई है।