फिरोजाबाद में न्यायालय ने आठ वर्ष पुराने चर्चित मामले में संजीव गुप्ता और उनकी पत्नी सारिका गुप्ता सहित चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
थाना टूंडला के आर्किड ग्रीन निवासी संजीव कुमार गुप्ता 22 जुलाई 2017 को सागर रत्ना रेस्तरां से बैठक के बाद घर नहीं पहुंचा था। उसके दोनों फोन बंद हो गए थे। काफी तलाश करने पर पता नहीं चला तो उनके गायब होने की सूचना उसकी पत्नी सारिका गुप्ता ने पुलिस को दी थी। सारिका अपने पति से बात करने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।
संजीव गुप्ता के मोबाइल से रात्रि मैसेज आया कि 100 करोड़ रुपये की फिरौती चाहिए। मैसेज दो बार आया। पत्नी ने पति के अपहरण का मुकदमा नीता पांडेय, उनके पति प्रदीप पांडेय एवं अमित गुप्ता के खिलाफ 23 जुलाई 2017 को दर्ज कराया था। पुलिस ने हरियाणा पानीपत स्थित स्वर्ण होटल से 28 जुलाई को संजीव गुप्ता को पुलिस ने अकेले टहलते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
विवेचना में यह प्रकाश में आया कि संजीव गुप्ता बीसी (सूद) के पैसे से रेस्तरां और स्कूल का व्यवसाय करता था। पुलिस ने संजीव गुप्ता, उसकी पत्नी सारिका गुप्ता, सागर गुप्ता पुत्र अरविंद निवासी आर्किड ग्रीन तथा विकल्प गुप्ता पुत्र जवाहर गुप्ता निवासी गुप्ता भवन के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा जनपद न्यायाधीश डाॅ. बब्बू सारंग की अदालत में चला। दोनों तरफ के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के सामने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों तरह की दलीलें सुनने के साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने संजीव गुप्ता, उसकी पत्नी सारिका गुप्ता, सागर गुप्ता एवं विकल्प गुप्ता को दोष मुक्त कर दिया है।