फिरोजाबाद। कौशल विकास मिशन के नाम पर पैरामेडिकल सेंटर की फर्जी मान्यता प्रदान कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को थाना उत्तर पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अभियुक्त ने फिरोजाबाद के एक व्यक्ति को झांसे में लेकर न केवल सेंटर खुलवाया, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए फर्जी मार्कशीट तक थमा दी थीं।
इंदिरा नगर, जलेसर रोड, फिरोजाबाद निवासी घनश्याम लहरी ने थाना उत्तर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि जनवरी 2022 में उनकी मुलाकात लखनऊ में जेपी सिंह नाम के एक एडवोकेट के माध्यम से सुरेश कुमार से हुई थी। सुरेश ने खुद को बोर्ड ऑफ पैरामेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, गोमती नगर, लखनऊ का डायरेक्टर बताया। आरोप है कि सुरेश और उसके साथियों ने फिरोजाबाद में सेंटर खुलवाने के नाम पर पीड़ित से 5 लाख रुपये और सिक्योरिटी के नाम पर 1 लाख रुपये वसूले। इसके बाद 40 बच्चों के एडमिशन के नाम पर 5 लाख रुपये और परीक्षा शुल्क व अन्य मदों में करीब 1.5 लाख रुपये और ऐंठ लिए। ठगी का खुलासा तब हुआ जब बच्चों को दी गई प्रथम वर्ष की मार्कशीट में त्रुटियां पाई गईं और दूसरे वर्ष की परीक्षा के बाद आरोपी अपना लखनऊ स्थित दफ्तर बंद कर फरार हो गया था।
सीओ सिटी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि थाना उत्तर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर अभियुक्त सुरेश कुमार निवासी झिरिहीरी हांडिया, प्रयागराज को उसके लखनऊ स्थित वर्तमान निवास से धर दबोचा। पकड़ा गया अभियुक्त सुरेश कुमार आदतन अपराधी और ठग है। इसके विरुद्ध पूर्व में भी कई जनपदों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ प्रयागराज में ठगी के दो और शाहजहांपुर में भी ठगी का एक प्रकरण दर्ज है। गिरफ्तार सुरेश को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम राकेश कुमार, एसएसआई अनुज कुमार नागर, एसआई रितिक शर्मा और कांस्टेबल अशोक चौधरी शामिल रहे।