गिरफ्तार लुटेरे मोदीनगर (गाजियाबाद), दिल्ली, बहादुरगढ़ (हरियाणा), अलीगढ़ और आगरा के रहने वाले हैं। लुटेरों से 1 करोड़ 5 हजार रुपये की नगदी, लूट की रकम से खरीदा गया आईफोन और एक लाख रुपये की बाइक खरीदने की रसीद बरामद हुई थी। लुटेरों से तमंचा और कारतूस भी मिला था।
शनिवार देर रात पुलिस नरेश को लेकर खैर गई, जहां से 20 लाख रुपये और बरामद किए गए। पूछताछ में लूट की कुछ और रकम का पता चला। इसकी बरामदगी के लिए पुलिस नरेश को रविवार दोपहर करीब एक बजे मक्खनपुर के गांव घुनपई के समीप सर्विस रोड के किनारे ले जा रही थी। इस बीच उसने शौच जाने की बात कही। पुलिसकर्मियों ने उसे खेड़ा गणेशपुर के पास गाड़ी से उतार दिया। उसके एक हाथ में हथकड़ी लगी हुई थी लेकिन वह हाईवे के समीप झाड़ियों में जाने के बाद भाग निकला।
इतने बड़े लूट के मास्टरमाइंड के भागने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। कई ठिकानों पर दबिश दी गई। देर शाम आठ बजे बाईपास पर उसके डीएमआर होटल के पास होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सीने में लगने से वह मौके पर ही ढेर हो गया।
यह हुआ बरामदगी
मुठभेड़ में ढेर नरेश के पास से पुलिस को एक बैग मिला। बैग में लगभग 20 लाख रुपये होने का अंदाजा है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने रकम की गिनती नहीं की थी। बैग में कुछ हथियार भी मिले हैं।
अन्य पांचों अपराधियों को भेजा गया जेल
नरेश के फरार होने के बाद पुलिस की एक टीम ने तत्परता दिखाते हुए अन्य पांचों लुटेरे तुषार, दुष्यंत, अक्षय, आशीष उर्फ आशू और मोनू उर्फ मिलाप की निगरानी शुरू कर दी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उनको रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उनकी न्यायिक हिरासत मंजूर होते ही पुलिस ने जेल भेज दिया। एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि फरार अपराधी नरेश मुठभेड़ में मारा गया है। फरारी के बाद उस पर 50 हजार का इनाम डीआईजी स्तर से घोषित किया गया था, जो कि टीम को दिया जाएगा।
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