उत्तर प्रदेश स्थित सुहागनगरी फिरोजाबाद की फिजा सांस के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यही कारण है कि क्षेत्र में टीबी मरीजों की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में उछाल आया है। वर्ष 2023 के पांच माह में ही जिले में 3885 मरीज सामने आ चुके हैं।
दो साल पूर्व जिले में चार हजार मरीज मिलने का आंकड़ा था। वर्ष 2022 में यह संख्या 6953 पहुंच गई। वर्ष 2023 में मई माह तक में यह संख्या 3885 पहुंच चुकी है। सीएमओ डाॅ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि जांच बढ़ने से टीबी के ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। इनका इलाज समय से होता है तो समय से ठीक हो जा रहे हैं। यदि मरीज में लक्षण दिखते हैं तो किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करा सकते हैं।
सात में से छह जगह जांच हैं बंद
चिंता का कारण है कि इतने मरीज तब सामने आ रहे हैं, जब देहात क्षेत्रों में टीबी जांच बंद पड़ी है। जिले में जसराना, टूंडला, शिकोहाबाद,एका, दीदामई और सिरसागंज में टीबी जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगवाई थी। साल के पांच माह से करीब चार माह से यह जांचे बंद पड़ी हैं। इससे पूर्व मेडिकल कॉलेज में स्थापित सीबी नेट मशीन भी लंबे समय से बंद पड़ी थी। हालांकि डिप्टी सीएम के आगमन के बाद इसे शुरू करा दिया गया था।
ये लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसपीएस चौहान ने बताया कि छाती में कफ जमना, तीन सप्ताह या इससे अधिक दिनों तक लगातार खांसी आना, खांसी के साथ खून आना, वजन में लगातार गिरावट, थकान का अनुभव होना, बुखार आना, रात में पसीना आना, ठंड लगना, सीने में दर्द का होना, सांस लेने में तकलीफ होना व भूख की कमी महसूस होने पर टीबी की जांच करानी चाहिए।
आंकड़ें एक नजर में-
| वर्ष |
मरीज |
| 2020 |
4030 |
| 2021 |
4909 |
| 2022 |
6953 |
| 2023 |
3885 मई माह तक |