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Firozabad News: पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने यूनिवर्सिटी में डाला डेरा

Tue, 18 Mar 2025 12:22 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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जेएस यूनिवर्सिटी में जांच-पड़ताल कर वापस आते अधिकारी। - फोटो : जेएस यूनिवर्सिटी में जांच-पड़ताल कर वापस आते अधिकारी।
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शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को जिला प्रशासन हरकत में आया। सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम ने दोपहर के समय यूनिवर्सिटी जाकर जांच-पड़ताल एवं भूमि की पैमाइश शुरू करा दी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी प्रशासन में खलबली है।राजस्थान में पकड़ी गईं फर्जी डिग्रियों के मामले में जयपुर एसओजी की टीम जेएस यूनिवर्सिटी के इस फर्जीवाड़े के पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है। वहीं डीएम रमेश रंजन ने भी शासन के निर्देश पर यूनिवर्सिटी की जांच के लिए सीडीओ शत्रोहन वैश्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। कुलपति समेत यूनिवर्सिटी के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों को इस मामले से जुड़े हुए साक्ष्य, गवाही, अभिलेख प्रस्तुत करने का सोमवार तक का समय दिया गया था।
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दोपहर को सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम ने जेएस यूनिवर्सिटी पहुंचकर दस्तक दी। टीम ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सीडीओ के अलावा तहसील शिकोहाबाद की एसडीएम कृतिराज, कानून-गो लल्लू सिंह, लेखपाल समेत अन्य अधिकारी भी यूनिवर्सिटी पहुंचे।

राजस्व विभाग की टीमें जांच में जुटीं
यूनिवर्सिटी की जांच के लिए राजस्व विभाग की अलग-अलग टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हुई हैं। एक ओर जहां पांच सदस्यीय जांच कमेटी यूनिवर्सिटी में जांच करने पहुंची, तो वहीं दूसरी ओर तहसील में अन्य अधिकारी यूनिवर्सिटी की भूमि से संबंधित अभिलेखों को खंगालने में जुटे रहे।
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सरकारी अभिलेखों से यूनिवर्सिटी की भूमि का होगा मिलान
यूनिवर्सिटी पहुंची पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं अधीनस्थों के साथ जाकर यूनिवर्सिटी की कितनी भूमि है, किस तरह से इसको क्रय किया गया है। यूनिवर्सिटी में कहीं कोई सरकारी भूमि तो नहीं दबी हुई है। इनके अलावा अन्य पहलुओं पर भी जांच शुरु कर दी। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच कमेटी यूनिवर्सिटी की भूमि के अभिलेख प्राप्त करने के बाद उनका तहसील में भू-अभिलेखों से उसका मिलान करेगी। इस जांच में अगर कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

मान्यता रद्द के संकेत से यूनिवर्सिटी प्रशासन में मची खलबली
फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस यूनिवर्सिटी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने के संकेत दिए हैं। वहीं आगरा में अग्रवन हेरिटेज यूनिवर्सिटी की भी जांच कराए जाने का दावा किया है। उच्च शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में खलबली मची हुई है।




एसओजी ने यूनिवर्सिटी में छह घंटे की जांच, हार्ड डिस्क बरामद
शिकोहाबाद। राजस्थान से शिकोहाबाद लाए गए कुलाधिपति और रजिस्ट्रार की निशानदेही पर जयपुर एसओजी की टीम ने यूनिवर्सिटी में लगातार 6 घंटे तक जांच-पड़ताल की। टीम ने अपनी जांच के लिए कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क एवं कुछ अन्य दस्तावेजों को बरामद किया है। उन्हें टीम अपने साथ जयपुर ले गई है।
शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री प्रकरण में जयपुर एसओजी की टीम ने कुछ दिन पहले कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव और रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा समेत दलाल अजय भारद्वाज को गिरफ्तार किया था। इनसे एसओजी की टीम सघन पूछताछ कर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही है।
शनिवार को एसओजी की टीम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं रजिस्ट्रार को कस्टडी में जयपुर से लेकर शिकोहाबाद स्थित यूनिवर्सिटी पहुंची। सूत्रों के अनुसार टीम ने यूनिवर्सिटी जाकर वहां कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क (जिसमें डिग्रियों का डेटा सुरक्षित रखा जाता है) के अलावा वहां मौजूद कुछ अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। इसके बाद टीम दोनों आरोपियों को लेकर जयपुर रवाना हो गई थी।




सुबह 11 बजे यूनिवर्सिटी पहुंची थी टीम
जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को टीम सुबह 11 बजे करीब यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची थी। यहां टीम लगभग छह घंटे तक रुकी। इस दौरान किसी को भी अंदर नहीं आने दिया गया। इसके बाद टीम शाम पांच बजे करीब दोनों आरोपियों को लेकर जयपुर रवाना हुई।






हमारी टीम दोनों ही आरोपियों को लेकर जांच-पड़ताल के लिए शिकोहाबाद स्थित यूनिवर्सिटी आई थी। यहां कुछ अभिलेखों की जांच की गई। इसके बाद दोनों ही आरोपियों को जयपुर साथ लेकर आई थी। - विजय कुमार सिंह, एडीजी, एसओजी जयपुर



अग्रवन हेरिटेज विवि की हो रही जांच, फर्जी डिग्री बांटने का शक
आगरा। शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय में बीपीएड की फर्जी डिग्री का मामला प्रकाश में आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ. सुकेश यादव के अन्य शिक्षण संस्थानों की जांच भी शुरू कर दी है। आगरा के अग्रवन हेरिटेज विश्वविद्यालय की जांच भी की जा रही है। इस विवि को भाजपा सरकार ने दो साल पहले मान्यता दी थी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि जेएस विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सुकेश सपा मुखिया के पार्टनर हैं।उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि राजस्थान पुलिस के खुलासे के बाद डॉ. सुकेश यादव के संचालित शिक्षण संस्थान रडार पर आ गए हैं। शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता को रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए नोटिस जारी हो चुका है।
विवि के चांसलर डॉ. सुकेश यादव की जांच प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) पहले से कर रही है। इसी बीच राजस्थान पुलिस ने बीपीएड की फर्जी डिग्री का खुलासा कर कार्रवाई कर दी।
उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय को मान्यता सपा के शासनकाल में मिली थी। इसके चांसलर सपा मुखिया के करीबी ही नहीं बल्कि साझीदार भी हैं। आगरा की अग्रवन हेरिटेज यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2023 में की गई। इससे फर्जी डिग्री बांटे जाने का शक है। इसकी जांच भी की जा रही है। इस विवि में गड़बड़ी पाए जाने पर इसकी मान्यता को रद्द किया जाएगा।



यह था मामला
राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित अभ्यर्थियों की बीपीएड की डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद राजस्थान पुलिस ने जेएस विवि के चांसलर डॉ. सुकेश और रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। 107 अभ्यर्थियों ने खुद को जेएस विवि से पासआउट दर्शाया था, जबकि विश्वविद्यालय की बीपीएड में 100 सीटों की ही मान्यता थी।
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