फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक किसान ने खुद को गोली मारी दो की सदमे से मौत

Mon, 30 Mar 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों को देख एक किसान ने खुद को गोली से उड़ा दिया तो दो किसानों की सदमे से मौत हो गई।
विज्ञापन

नारखी क्षेत्र के ग्राम लुखरिया निवासी भूपेंद्र जाटव (25) पुत्र धर्मपाल ने फतेहपुरा के किसान सत्येंद्र से 20 बीघा खेत बटाई पर लेकर आलू की फसल की थी। पूर्व में हुई बारिश और ओलावृष्टि से 30 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी थी। इससे भूपेंद्र परेशान था। 70 फीसदी आलू करीब 150 बोरी को जैसे तैसे खुदवा कर कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए गया तो वहां वह रखा नहीं जा सका। गुणवत्ता प्रभावित होने के चलते मंडी में भी उसकी बिक्री नहीं हुई। इससे भूपेंद्र परेशान हो गया। आलू को वह मंडी में ही छोड़कर कर आ गया और खेत पर जाकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी पर टूंडला विधायक राकेश बाबू जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं टूंडला क्षेत्र के नगला सिंघी के गांव बांस झरना निवासी शिवशंकर (52 ) पुत्र भीकम सिंह निषाद के पास आठ बीघा खेत है। बटाई पर भी खेत लेकर गेहूं की फसल की थी। बारिश ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के कारण वह काफी आहत थे। उनकी पुत्री समीना (18) व रीना 16 के विवाह की भी चिंता सता रही थी। रविवार को हुई बारिश से उन्हें सदमा लगा और वह खेत पर ही बेहोश होकर गिर गए। परिवारीजन उन्हें उपचारक के लिए फीरोजाबाद ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दूसरी तरफ नारखी के गढ़ी हंसराम निवासी गोपीचंद्र (55) पुत्र रेवती सिंह को भी रविवार को बारिश एवं घटाओं को देखकर सदमा लगा। इससे उनकी मौत हो गई। आलू और मिर्च की फसल में गत वर्ष घाटे के कारण उन्होंने गेहूं की फसल की थी वह भी बारिश और ओलावृष्टि के चलते बर्बाद हो गई। ग्रामीणों की मानें तो उन्होंने गत वर्ष बेटी के विवाह के लिए कर्जा लिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें