टूंडला। दिल्ली रेलखंड के चमरौला स्टेशन पर रविवार को मालगाड़ी के चालक की तबियत खराब होने पर रेल प्रशासन तीन घंटे तक चकरघिन्नी बना रहा। ड्राइवर ने एंबुलेंस की मांग करते हुए खुद को इंजन के केबिन में बंद कर लिया। उसे लाने के लिए कालका मेल सहित कई ट्रेनाें को रोका गया, लेकिन वह बिना एंबुलेंस आने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान रेल ट्रैक लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा।
रविवार सुबह करीब नौ बजे दिल्ली की ओर जाने वाली मालगाड़ी को टूंडला हेड क्वाटर से रेल चालक अनिल कुमार श्रीवास्तव लेकर चला था। चमरौला स्टेशन पर पहुुंचते ही उसकी तबियत खराब हो गई। इस पर वह इंजन में ही लेट गया। नियंत्रण कक्ष ने ट्रेन को चलाने के लिए कई बार सिग्नल दिए, किंतु उसने ट्रेन को नहीं चलाया। एएसएम ने इसकी जानकारी मुख्य नियंत्रण कक्ष को दी। जिस पर नियंत्रण कक्ष ने चालक का तत्काल उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए साथ ही दिल्ली की ओर से आने वाली कालका मेल को चमरौला स्टेशन पर रोक कर उसे टूंडला लाने को कहा, लेकिन ड्राइवर एंबुलेंस की मांग पर अड़ गया। इसके बाद कई ट्रेनें रोक उसे उनमें बैठाने का प्रयास किया गया पर वह नहीं माना। करीब तीन घंटे बाद वहां एंबुलेंस के पहुंचने पर वह केबिन से उतरा। चालक को टूंडला के रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पूरी कवायद के चलते ट्रेनें प्रभावित रहीं। हालांकि रेल अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन स्टेशन के लूप लाइन में खड़ी थी, इसलिए ट्रेनों पर अधिक असर नहीं पड़ा। फिर भी ट्रेन को चलाने एवं चालक को लाने के प्रयास में कुछ देर ट्रेनें प्रभावित रहीं।