फीरोजाबाद। सूखाग्रस्त होने के बाद भी जिले के किसानों को आलू बीज की नई वैराइटी नहीं मिल पाएगी। जिले से 20 हजार कुंतल आलू बीज की डिमांड की गई थी लेकिन यहां आवंटन मात्र सात सौ कुंतल किया गया। किसानों ने आवेदन फार्म के साथ विभाग के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
सब्जियों के राजा आलू उत्पादन का जिला हब बन गया। यहां करीब 50 से 60हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल की बुवाई होती है। आलू की फसल की बुवाई की जिले में शुरूआत हो गई। शासन से मिलने वाला आलू बीज की मात्रा बढ़ाने के बजाय घटा दी गई। कम बारिश, सूखाग्रस्त होने के कारण जिले में आलू का क्षेत्रफल दस हजार हेक्टेयर के करीब बढ़ना तय है। डीएम विजय किरन आनंद ने शासन से 20 हजार कुंतल आलू की डिमांड की थी, लेकिन आवंटन मात्र सात सौ कुंतल ही हुआ। सवाल यह है कि आखिर इतना कम बीज वह कितने किसानों के बीच विभाग बांट दें। इनमें पांच प्रजाति का आलू बीज है। कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनकी किसान डिमांड ही नहीं होती है। किसानों में 3797 प्रजाति के आलू बीज की डिमांड सर्वाधिक रहती है इसकी मुख्य वजह उत्पादन अच्छा व बाजार में डिमांड होना है। इधर बुधवार को काफी संख्या में किसान उद्यान विभाग में आलू बीज का आवेदन फार्म लेकर पहुंचे लेकिन विभाग ने आवेदन दो दिन बाद लेने की कहकर लौटा दिया।
कब कितना मिला जिले को आलू बीज
वर्ष बीज की मात्रा
2011-12 2899 कुंतल
2012-13 3550 कुंतल
2013-14 1596 कुंतल
2014-15 700 कुंतल
किसान आज से जमा करें आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने कहा कि जिले को 700 कुंतल आलू बीज दस प्रजातियों का मिला है। आलू बीज लेने को किसान चार से पंद्रह अक्तूबर तक नवीन खतौनी की नकल के साथ ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में बीज की प्रजाति का भी अंकन करना होगा। एक किसान दो व्यक्तियों के आवेदन कर सकेगा। ओवरसाइज प्रथम 1480 तथा सीड साइज की दरें 2230 रुपया प्रति कुंतल है। आवेदनों के आने के बाद ही आवंटन किया जाएगा।