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दिन- रात कटौत्ी, बिलबिलाए लोग

Fri, 23 May 2014 05:30 AM IST
Firozabad
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फीरोजाबाद। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जनपद में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती को लेकर जनमानस परेशान है। शहर में जहां 12-15 घंटे बिजली मिलती है तो देहात क्षेत्रों में 6-8 घंटे बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है। अघोषित कटौती से जनजीवन के साथ उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं।
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कांच उद्योग के कारण फीरोजाबाद टीटी जोन में शामिल है। यहां हाईकोर्ट द्वारा 24 घंटे आपूर्ति के निर्देश हैं लेकिन हाईकोर्ट के निर्देशों का बिजली विभाग उल्लंघन कर रहा है। सुहागनगरी की बिजली व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नासूर बन गई है। मई माह में पारा करीब 42 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। भीषण गर्मी में अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान रहे हैं।
शहर में 19 से 21 घंटे, देहात क्षेत्र में 15 से 21 घंटे, जिला मुख्यालय पर 22 से 23 घंटे, टूंडला में 12 से 15 घंटे, शिकोहाबाद में 16 से 22 घंटे, सिरसागंज में 16 से 22 घंटे तो जसराना में पूरे 24 घंटे आपूर्ति का कागजों पर दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत इसके उलट है। शहरी क्षेत्रों में हर रोज मुरादाबाद कंट्रोल, 220 आसफाबाद बिजलीघर, कभी ओवरलोडिंग तो कभी लोकल फाल्ट के नाम पर हर रोज 8 से 10 घंटे बिजली काटी जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हाल बेहाल है।
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इन क्षेत्रों में हो रही सर्वाधिक कटौती
नारखी, नगला रामकुमार, यूपीएसआईडीसी, दबरई, मटसैना, लुहारी, मोहम्मदाबाद, भीकनपुर बझेरा, जटपुरा, नगला सौंठ, हजरतपुर, पचोखरा, धीरपुरा, नगला चूरा, रजावली, मक्खनपुर, सिरसागंज के अंतर्गत गुरुकुल, सैमरा, अब्बासपुर, पैगू, अरांव में 6 से 10 घंटे आपूर्ति हो रही है।

यहां मिल रही 23 से 24 घंटे आपूर्ति
जसराना, पाढ़म, एका, मुस्तफाबाद, प्रतापपुर, खैरगढ़, नगला खंगर, फरिहा, पैढ़त, उड़ेसर, बनवारा, भदान, पृथ्वीपुर, हाथवंत व बझेरा बुजर्ग में 23 से 24 घंटे आपूर्ति की जा रही है।

कागजों में चल रहा 24 घंटे का खेल
जिला मुख्यालय से लेकर देहात क्षेत्रों में 24-24 घंटे कागजों में आपूर्ति दिखा रहे हैं लेकिन हकीकत इसके उलट है। कागजों में ही उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करा रहे हैं, फिर भी बिजली संकट बना हुआ है।

शहर में आपूर्ति का हाल
आसफाबाद - 14 से 18 घंटे
पुरुषोत्तम बिहार - 17 से 19 घंटे
एसएन हास्पीटल - 17 से 20 घंटे
गांधीपार्क - 19 से 20 घंटे
सुहागनगर - 21 से 22 घंटे
लेबर कालोनी - 17 से 20 घंटे
रामनगर - 13 से 19 घंटे
इंडस्ट्रियल एरिया - 18 से 22 घंटे
रसूलपुर - 17 से 18 घंटे
(नोट- आंकड़े विभागीय रिकार्ड के अनुसार)

देहात क्षेत्र में आपूर्ति का हाल
नारखी -12 से 14 घंटे
नगला रामकुंवर - 12 घंटे
दबरई देहात - 10 से 14 घंटे
मटसैना - 10 से 14 घंटे
मोहम्मदाबाद -08 से 12 घंटे
भीकनपुर बझेरा - 12 से 14 घंटे
जटापुरा - 9 घंटे
हजरतपुर - 7 से 11 घंटे
पचोखरा - 9 घंटे
धीरपुरा - 7.15 घंटे
रजावली - 9 से 10 घंटे
सिरसागंज देहात - 11 से 13 घंटे
पैगू -10 से 11 घंटे
एसएमएस से बताएं बिजली की समस्या
फीरोजाबाद। नगर पालीवाल ऑडिटोरियम में गुरुवार को बिजली विभाग के अफसर एसएमएस सेवा की तकनीक से रूबरू हुए। दो घंटे के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया कि एसएमएस और कॉल के जरिए शिकायत दर्ज होने पर क्या कार्रवाई करनी होगी।
नई दिल्ली की मोविनयर कंपनी के इंजीनियर देवांशी शर्मा, नीरज कुमार द्वारा एसएमएस सेवा के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। शिकायत दर्ज कराने के बाद एक मैसेज उपभोक्ता को जाएगा, जिसमें शिकायत रजिस्ट्रेशन नंबर, संबंधित जेई का नाम व नंबर उपभोक्ता तक पहुंच जाएगा। दूसरा मैसेज संबंधित अवर अभियंता को भेजा जाएगा, जिसमें उपभोक्ता का नाम, पता, मोबाइल नंबर होगा। शिकायत का आठ घंटे के अंदर निस्तारण कर कॉल सेंटर पर सूचना देनी होगी, अन्यथा वही शिकायत अधीक्षण अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियर व एमडी तक फारवर्ड हो जाएगी। अगर लगता है कि आपने गलत मैसेज भेज दिया है तो उपभोक्ता को पुन: मैसेज भेजकर सही जानकारी देनी होगी। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया और स्टोर से जारी कराने से लेकर लगाने तक का काम किया जा रहा है तो शिकायत दर्ज होने पर उपभोक्ता को जानकारी देनी होगी। प्रशिक्षण में एसई बीएस गंगवार, एक्सईएन शहर केके वर्मा, एक्सईएन ग्रामीण आरबी रॉय, एक्सईएन मीटर महेंद्र कुमार, एसडीओ प्रथम सचिन गुप्ता, एसडीओ द्वितीय आरके पुष्कर आदि थे।

इन नंबर पर करें एसएमएस और कॉल
उपभोक्ता ट्रांसफार्मर फुंकने, बिजली कटौती, मीटर में गड़बड़ी, गलत बिल मिलने या बिना रीडिंग के बिल मिलने पर टोल फ्री नंबर 18001803020 पर कॉल या 5616195 पर मैसेज भेजकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मैसेज बॉक्स में टाइप करें- डीडीएनएलएल स्पेस कोड टीएफ (टासंफार्मर कोड) लिखकर 5616195 पर भेज दें।

रोस्टिंग का फार्मट जरूरी
एक्सईएन केके वर्मा ने कहा कि सॉफ्टवेयर में रोस्टिंग का प्रोसीजर नहीं है। इमरजेंसी रोस्टिंग होने पर उपभोक्ता सीधे अफसरों को फोन करते हैं। बिजली जाते ही यदि उपभोक्ता को मैसेज मिल जाएगा, तो वह फोन नहीं करेंगे।
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