फीरोजाबाद। छात्रसंघ चुनाव के लिये भले ही कुछ कालेजों ने छात्र नेताओं के दबाव में में चुनाव कराने को कहा दिया है, लेकिन अधिकांश संस्थान इसके पक्ष में नहीं हैं। पांच माह बीतने के बाद भी कालेज अभी भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी न होने की बात कर रहे हैं। जबकि मार्च व अप्रैल में सत्र खत्म हो जाता है।
विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने शपथ लेने के साथ ही छात्रसंघ चुनाव की बहाली कर दी थी। वर्ष 2012- 13 के शैक्षिक सत्र के शुरुआत से ही छात्र नेताओं ने कालेज में छात्रसंघ के लिये ज्ञापन देकर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। सपा छात्रसभा के नेताओं ने भी पुरजोर कोशिश की, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल सकी है।
कालेज की तैयारी शून्य
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। छात्रसंघ चुनाव के लिये कालेज ने अभी वोटर लिस्ट ही नहीं तैयार करवाई है। शहर के एसआरके डिग्री कालेज, एमजी डिग्री कालेज, सीएल जैन कालेज, दाऊदयाल डिग्री कालेज में कोई भी चुनावी तैयारी नहीं की गयी है।
एसआरके डिग्री कालेज का हाल
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित कराने को लेकर सपा छात्र सभा के नेताओं ने कई बार ज्ञापन दिया। इसके बाद कई बार कक्षाएं बंद करायी। भूख हड़ताल पर भी बैठे। इसके बाद प्राचार्य विपिन कुमार अग्रवाल ने छात्रसंघ चुनाव के लिये दो महीने बाद की तिथि देकर मामले को टाल दिया। इसी तरह एमजी कालेज में छात्राओं ने कई बार ज्ञापन दिया। मगर वहां भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका। वहीं सीएल जैन कालेज के एक बाबू ने तो साफ ही कह दिया है कि चुनाव नहीं कराये जायेंगे।
जनवरी में होंगे चुनाव तो कितना होगा कार्यकाल
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। मान लें अगर कालेज छात्रसंघ चुनाव जनवरी में कराता भी है तो उसके बाद डेढ़ से दो माह ही कालेज में पढ़ाई होती है। उसके बाद मार्च अप्रैल में विश्वविद्यालय परीक्षा होने के लिये कालेज को पहले ही बंद करा दिया जाता है।