टूंडला। इलाज व ईश्वर में आस्था के नाम पर एक बार फिर विदेशी मूल के नागरिक ग्रामीण क्षेत्रों में धर्म प्रचार कर रहे हैं। इसकी भनक हिंदूवादी संगठनों और प्रशासन को नहीं लगी। धर्म प्रचारक के रूप में पहुंचे विदेशी अपने धर्म का प्रचार कर चले गये।
थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव रसूलाबाद में बुधवार दोपहर अमेरिकी की एलोपोनियां मूल के तीन लोगों का दल तीन भारतीय मूल के लोगों के साथ पहुंचा। यहां उक्त लोगों ने एडस व मलेरिया के बारे में लोगों को जानकारी देते हुए अपने धर्म के प्रति बताया। गांव में अनेक महिला, पुरुषाें को ईश्वरी शक्ति से किसी भी प्रकार के अंधत्व को दूर करने की बात कहते हुए चश्मे लगवाकर दिखाए।
इसके बाद उक्त लोगों का दल अन्य गांवों में भी पहुंचा, किंतु अन्य ग्रामीणों ने उन पर विश्वास नहीं किया। क्षेत्रीय अधिवक्ता कपूरचंद्र निषाद ने बताया कि रिटेल, पॉल व बाइन नाम के अमेरिकी युगल के साथ भारतीय मूल के लड़के व लड़कियां जिनमें रिंकू, बंटी व एक युवती थे, किंतु उनके संदिग्ध होने पर ग्रामीणों ने उनकी बातें नहीं सुनी वे वहां से चले गये। विदित हो कि जुलाई माह में भी इस तरह का दल आया था।
विदेशी मूल के लोगों के पुन: थाना नगला सिंघी क्षेत्र में आने व धर्म प्रचार होने की बात संज्ञान में नहीं है। बिना परमीशन के यदि कोई क्षेत्र में इस तरह का कार्य कर रहा है तो गलत है। इसकी जांच करायी जायेगी।
केहरसिंह राना पुलिस क्षेत्राधिकारी, टूंडला।
फोटों-टूंडला के गांव रसूलाबाद में इलाज के नाम पर धर्म प्रचार करते विदेशी मूल के महिला पुरुष-2,3