फिरोजाबाद। कहने को तो सौ शैया अस्पताल है। अब मेडिकल कालेज का नाम भी इससे जुड़ गया है। मगर सुविधाएं का हमेशा से ही टोटा रहा है। रविवार के दिन यहां गर्भवती महिलाओं के आपरेशन नहीं होते हैं। क्योंकि बेहोशी के चिकित्सक अस्पताल में नहीं हैं। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए जाना पड़ता है।
सौ शैया अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर तीन सर्जन की तैनाती हुई है। ताकि गर्भवती महिलाओं के सीजेरियन भी हो सकें । सीजेरियन में अब मरीज को बेहोश करने वाले चिकित्सक की कमी खल रही है। बेहोशी के चिकित्सक न होने के कारण डिलिवरी नहीं हो पा रही है। जिला अस्पताल से डा. आलोक कुमार को बुलाया जाता है। रविवार को चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण गर्भवती महिलाओं के आपरेशन नहीं हो पाते हैं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
एक ने दिया इस्तीफा, दूसरी की नहीं बढ़ी संविदा
फिरोजाबाद। ओपीडी के लिए संविदा पर तैनात चिकित्सक डा. सुनीता की संविदा का फिलहाल रिन्यूअल नहीं हुआ है। इधर, डा. शिखा जैन ने भी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की कमी खलने लगी है।
आउटसोर्सिंग पर तैनात तीन सर्जन रात में ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक की कमी से गर्भवती महिलाओं को मुश्किल आ सकती हैं।
एनस्थेटिक चिकित्सक हमारे अस्पताल में नहीं हैं। जिला अस्पताल से बुलाने पड़ते हैं तो इस वजह से रविवार को आपरेशन नहीं हो पाते हैं। रात में भी यही हाल रहता है। अब मेडिकल कालेज बनने के बाद देखते हैं कि सुविधा में क्या इजाफा होगा।
डा. साधना राठौर, सीएमएस