फिरोजाबाद। दिव्यांग बच्चे अब घर नहीं बैठेंगे, बल्कि स्कूल पढ़ने जाएंगे। उन्हें सरकार समय-समय पर प्रोत्साहित कर रही है। अब 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को एस्कॉर्ट अलाउंस प्रदान किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है। सरकार की मंशा है गंभीर दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। भले ही वे दिव्यांग हैं लेकिन उन्हें उनका शिक्षा का अधिकार दिलाया जाए। शासन ने निर्णय लिया है कि 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले गंभीर बच्चे जो ट्राईसाइकिल या किसी अन्य उपकरण के सहारे स्कूल नहीं पहुंच सकते हैं ऐसे बच्चों को अभिभावक स्कूल पहुंचाएंगे तो उन्हें एस्कॉर्ट अलाउंस प्रदान किया जाए। इस योजना को लाभ मानसिक और बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों के अभिभावकों को भी दिया जाएगा।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार एस्कॉर्ट अलाउंस के रूप में अभिभावकों को प्रतिमाह 600 रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। एक साल में 10 माह की कुल 6000 रुपये धनराशि प्रदान की जाएगी। जिले में दिव्यांग छात्रों को चिह्नित कर उनका पंजीकरण स्कूल में कराने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। जुलाई से संबंधित छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
-प्रधानाध्यापक करेंगे जागरूक
छह से 14 साल के दिव्यांग बच्चों का नामांकन स्कूलों में कराने के लिए प्रधानाध्यापक ग्राम प्रधान, सचिव, ग्राम पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के साथ बैठक करेंगे। विद्यालय प्रबंध समिति के सहयोग से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर उन्हें बच्चे का नामांकन स्कूल में कराने के लिए प्रेरित करेंगे। अभिभावकों को योजना के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।
एस्कॉर्ट अलाउंस शासन की महत्वपूर्ण योजना है। प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी तो अभिभावक भी दिव्यांग बच्चों को स्कूल भेजेंगे। पात्रों का चयन कर योजना का भला दिया जाएगा।
आशीष पांडेय, बीएसए फिरोजाबाद।