फीरोजाबाद। पंचायत चुनाव में 42 वोटो की खातिर दबंगों ने एक परिवार को गांव से निकलवा दिया। उसे मारने की धमकी के साथ समर्थन करने वाले प्रत्याशी को वोट न देने की भी बात कही। दुधमुंहे बच्चे और पत्नी के साथ युवक गांव से आ गया लेकिन अब घर जाने से डर रहा है। थाना पुलिस ने एक न सुनी और भगा दिया। इस पर पीड़ित ने एसपी से वेदना कही और न्याय की गुहार लगाई। दबंगों के भय से उसे गांव में जाने से खतरा लग रहा है। वोटों का लालच दिखाते हुए गांव के दबंग क्षेत्रीय प्रत्याशियों से भी उसका सहयोग न करने की धमकी भी दे रहे हैं।
गांव में अवैध हथियार बनाने और बिक्री की सूचना सात माह पूर्व पुलिस को देना मक्खनपुर क्षेत्र के सलेमपुर निवासी पंकज को भारी पड़ गया। पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित दबंगों ने युवक को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। अब 42 वोटो का लालच देकर उसे पंकज अपनी पत्नी सहित दुधमुहे और बहन को लेकर जिला मुख्यालय पर भटक रहा था। एसपी के कार्यालय में जाकर वेदना सुनाई।
उसने बताया कि दबंग उसे गांव में नहीं रहने देते। अब साफ कह दिया 42 वोट हमारे पास हैं यदि चाहिए तो पंकज को बाहर कर दो। वह बेचारा भटकने को विवश है। पंकज की मानें तो सात माह पूर्व उसने मक्खनपुर पुलिस को गांव में अवैध हथियार बनने की सूचना दी थी। पुलिस ने कोई कार्रवाई तो की नहीं बल्कि उक्त दंबग हथियारों को बनाने वाले को शिकायतकर्ता का नामबता दिया। फिर क्या था दबंग ने उसका उत्पीडन करना शुरू कर दिया। ये हाल कर दिया तो मकान का दरवाजा उसी के घर की ओर कर लिया। थाना पुलिस से शिकायत की एक बार भी नहीं सुनी। उसके साथ मारपीट एवं अभद्रता की गई। साफ कहा कि गांव में नहीं रहने दूंगा। गत दिवस गांव पहुंचा तो दबंगों ने कहा कि इसके पास तीन वोट और मेरे पास 42 हैं। यदि 42 वोट चाहिए तो इसे गांव से बाहर निकलवाने में हमारी मदद करो। फिर क्या था उसे गांव में बाहर करा दिया। थाना पुलिस तक ने नहीं सुनी। पंकज पत्नी व एक माह के दुधमुंहे बच्चे को साथ लेकर मुख्यालय पहुंचा। कंधे पर पत्नी एवं बच्चों के कपड़ों काबैग लटकाए हुए था उसने बिलखते हुए कहा कि आखिर वह कहां जाए। खेती भी नहीं है। मकान था उसे दबंगों ने कब्जा लिया। एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन दबंगों के डर से वह गांव नहीं गया।