फिरोजाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल गांव बनाने को मिली धनराशि को खर्च नहीं करने वाले प्रधानों पर डीपीआरओ ने शिकंजा कसने के आदेश दिए है। 80 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च करनेवाले प्रधानों को एक पखबाड़े का मौका दिया है। धनराशि से काम नहीं कराए तो समिति का गठन करके काम कराने की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में ओडीएफ प्लस के तहत चिह्नांकित 60 पंचायतों के प्रधानों के साथ बैठक की। शनिवार की शाम को चली बैठक के दौरान सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस के तहत उपलब्ध कराई धनराशि के खर्च किए जाने की समीक्षा की गई। साठ में से 35 पंचायतें ऐसी निकलीं जिनके द्वारा अभी तक 80 प्रतिशत धनराशि तक खर्च नहीं की गई। विभाग के अनुसार खम खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों में रुधऊ मुश्तकिल, मोहम्मदाबाद, जाखई, पचवान के साथ ही अलीनगर कैंजरा सहित कुछ अन्य ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने समीक्षा के दौरान सभी प्रधानों को हिदायत दी कि ओडीएफ प्लस के तहत जिन गांवों को 40-40 लाख रुपया का बजट आवंटित किया गया था। उससे होने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि जो प्रधान धनराशि को एक पखबाड़े में खर्च नहीं कर पाएंगे। उनके यहां ग्राम पंचायत सदस्यों की कमेटी बनाकर काम कराने को मजबूर होना पड़ेगा।