कलश के अंदर 33 करोड़ देवी देवता विराजमान रहते हैं, जो भी महिला इन कलशों को सिर पर रखकर परिक्रमा करती है, उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं। यह बात सिंधी कालोनी में शुरू हुई श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान आचार्य दिनेश जी ने कही।
उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा चित्त को शांति और मन को प्रसन्न करने वाली है। जो भी मनुष्य सच्चे हृदय से श्रीराम कथा सुनता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इससे पूर्व उन्होंने कलश का महत्व बताते हुए कहा कि प्रत्येक शुभ कार्य से पूर्व कलश स्थापना करनी चाहिए। इससे पूर्व नगर में कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी। सिंधी कालोनी में श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया, जो नगर भ्रमण करने के बाद कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई। कथा वाचक आचार्य दिनेश जी ने कलशों को स्थापित कराया। यज्ञ आचार्य कृष्ण कन्हैया उपाध्याय ने सभी नगरवासियों को श्रीराम क था सुनने के लिए आमंत्रित किया।