फिरोजाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जन्में बच्चों का जन्म-मृत्यु पंजीकरण में परेशानी को देखते हुए शासन स्तर से एएनएम (सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी) को पंजीकरण का अधिकार प्रदान किया गया है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं/ मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) डॉ. ब्रजेश राठौर ने सीएमओ को पत्र लिखकर सीआरएस पोर्टल पर एएनएम को आईडी व पासवर्ड प्रदान करने का निर्देश दिया गया।
जिले की 261 एएनएम को रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) के रूप में अधिकृत किया गया है। एएनएम को सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल का आईडी प्रदान किया जाएगा। जिससे उपकेंद्रों पर होने वाले प्रसव के बाद नवजात का जन्म प्रमाणपत्र वहीं जारी किया जा सके। प्रसव के दौरान मृत हुए नवजात का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकारी भी एनएनएम को होगा।
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हर महीने उपकेंद्रों पर होते हैं 1100 प्रसव
जिले के सभी 261 उपकेंद्रों पर हर महीने औसतन 1100 से अधिक प्रसव कराए जाते हैं। अभी तक प्रसव के बाद जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव या शहरी क्षेत्र में नगर पालिका व नगर पंचायत के रजिस्ट्रार के चक्कर काटने पड़ रहे थे। संबंधित उपकेंद्र के एएनएम के रिपोर्ट पर काफी मशक्कत के बाद जन्म प्रमाणपत्र जारी हो पाता था, जिससे अधिकांश लोग पंजीकरण कराते ही नहीं थे। अब प्रसव के बाद डिस्चार्ज होने के पहले उपकेंद्र पर ही एएनएम बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर देंगी। संशोधन का अधिकार भी उनको प्राप्त होगा।
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उपकेंद्र पर प्रमाणपत्र जारी होने से मिलेगी सहूलियत
-जिले के उपकेंद्रों पर प्रसव से जन्म नवजात का तुरंत पंजीकरण होने के कारण प्रसूता व तीमारदारों को सहूलियत मिलेगी। जल्द ही एएनएम को सीआरएस पोर्टल का आईडी व पासवर्ड प्रदान कर दिया जाएगा।
रवि कुमार, डीसीपीएम