फिरोजाबाद। सुहागनगरी में पेयजल संकट सालों से बड़ा मुद्दा रहा है। लोकसभा, विधानसभा चुनाव हो या नगर निगम का। हर बार जनप्रतिनिधि भरपूर पानी देने का वायदा करते हैं,लेकिन चुनाव जीतने के बाद पलट कर नहीं देखते। करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी आजतक एक लाख से अधिक आबादी तक गंगाजल नहीं पहुंच सका।
सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 16 मार्च 2013 को जनता को जसराना नवीन नहर परियोजना के नाम से बड़ा तोहफा दिया, परंतु पांच साल के कार्यकाल जेड़ाझाल परियोजना गति नहीं पकड़ी सकी। योगी सरकार बनने के बाद शासन द्वारा करोड़ों का बजट जारी किया गया, जिससे जलनिगम द्वारा तेजी से कार्य किया गया। शासन की प्राथमिकता को देखते हुए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने दो बार प्लांट का निरीक्षण किया।
सदर विधायक मनीष असीजा की निरंतर पहल के चलते 21 सितंबर-18 से शहर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हुई, जिससे सालों का इंतजार समाप्त हुआ। आज भी शहर की एक लाख से अधिक आबादी ऐसी है, जहां अभीतक गंगाजल नहीं पहुंचा। जलनिगम द्वारा तैयार कराए गए 21 में से अभी 12 नए सीडब्लूआर से जुड़े क्षेत्रों में गंगाजल नहीं पहुंचा है। हालांकि जलनिगम द्वारा इन क्षेत्रों तक गंगाजल पहुंचाने को पाइप लाइन डालने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
इन सीडब्लूआर से जुड़े मोहल्लों को है गंगाजल का इंतजार
- सीडब्लूआर आबादी मोहल्ला
- लालपुर 8700 लालपुर, शांति नगर, राठौर नगर, नई आबादी
- दीदामई 8239 मोहल्ले दीदामई, मंसूरी गंज, नूर नगर, आकाशवाणी रोड
- संतनगर 7998 संत नगर, ओमनगर, मोहन नगर, कन्हैया नगर, नई आबादी, पैमेश्वर गेट, फुलबाड़ी, मोती नगर,
- कोटला 10228 नंदराम चौक, नई बस्ती, कटरा जाटवान, मुश्ताक बिल्डिंग, जोशियान, छोटी छपैटी, चंद्रवार गेट, कोटला पजाबा, गढ़ैया
- सुरेश नगर 7500 रहना, परशुराम कालोनी, ब्रह्मपुरी, नई आबादी, जमुना नगर
- सैलई 9008 उत्तम नगर, जगजीवन नगर, प्रताप नगर, रविदास नगर, नगला पीपरिया, ठारपूठा, पुलिस कालोनी
- मायापुरी 7900 टापाकलां, शांतिनगर, देवकी नगर, कृष्णा नगर, सुदामा नगर, बोधाश्रम
- नगला विश्रू 12000 नगला विश्रू, आजाद नगर, मेहताब नगर, नई आबादी रेलवे कालोनी, संजय नगर, आनंद बिहार, अमर बिहार, दतौजी खुर्द, दतौजी कलां
- कन्हैया नगर 7500 कन्हैया नगर, प्रेमपुर रैपुरा, बासठ, संजय नगर
बोली जनता
कोटला मोहल्ला निवासी पवन यादव का कहना है कि क्षेत्र में आजतक गंगाजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। महीनों से क्षेत्र में नई टंकी बनकर तैयार खड़ी है।
मोहल्ला जोशियान निवासी श्रीमती का कहना है कि यहां गंगाजल तो अभी आया नहीं है। पाइप लाइन जो थोड़ा बहुत पानी आता है, वह भी सुबह गंदा आ रहा है।
नई बस्ती निवासी आशादेवी का कहना है कि हम तो सालों से बोतल खरीद कर ही प्यास बुझा रहे हैं। पूरे क्षेत्र में खारे पानी की गंभीर समस्या है।
करबला निवासी मुन्नीदेवी का कहना है कि यहां सालों से पानी का गंभीर संकट है। गलियों में पानी न आने पर टंकी तक दौडना पड़ता है। गंदे पानी की भी समस्या है।