उत्तर प्रदेश शासन ने सभी विभागों के आला अफसरों को बाढ़ प्रभावित जिलों में जरूरी व्यवस्थाएं करने तथा राहत कार्यों की निगरानी के लिए जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ से प्रभावित 13 जिलों को दैवीय आपदा मद में 50-50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रमुख सचिवों को सप्ताह में दो बार बाढ़ प्रभावित जिलों के अपने विभागीय अधिकारियों के साथ बातचीत करके समस्याओं का निराकरण कराने की हिदायत दी गई है।
जिलाधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करके शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। उत्तराखंड में आपदा में फंसे प्रदेशवासियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए वहां के राहत आयुक्त से वार्ता कर तत्काल आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने तथा मेरठ, सहारनपुर तथा मुरादाबाद के रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधकों को आपदाग्रस्त यात्रियों को नि:शुल्क गन्तव्य तक पहुंचाने के निर्देश दिये गये हैं।
इसके लिए 100 बसों की व्यवस्था की गई है। जनहानि से प्रभावित परिवार के सदस्य को 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बचाव एवं राहत कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं : अखिलेश
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव अफसरों को चेतावनी दी है कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए धनराशि की व्यवस्था करा दी गई है। सभी अधिकारी समय रहते बाढ़ से निपटने की तैयारी कर लें।