मदरसा मंजर-ए-इस्लाम बरेली से जारी फतवा, फेसबुक या किसी साइट पर फोटो डालना नाजायज है को देवबंदी मुफ्तियों ने सही ठहराया है।
बरेली की आला हजरत दरगाह में स्थित मदरसा मंजर-ए-इस्लाम से जारी एक फतवे में कहा गया है कि फेसबुक या अन्य किसी वेडिंग साइट पर फोटो डालना नाजायज है। बरेली मदरसे से जारी इस फतवे पर देवबंदी मुफ्ती भी एकराय हैं।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी का कहना है कि जब इस्लाम में बिना जरूरत फोटो खिंचवाने की मनाही है तो फेसबुक या अन्य किसी वेडिंग साइट पर फोटो डालने का तो कोई मतलब ही नहीं होता। इस तरह की साइटों पर फोटो डालना बिना जरूरत इस्तेमाल में हैं इसलिए बरेली से जारी फतवा सही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले जब इस तरह शादी आदि की साइट नहीं होती थी तो क्या लड़के लड़कियों के रिश्ते नहीं होते थे? मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के वरिष्ठ मुफ्ती अरशद फारुखी का कहना है कि उसूली बात यह है कि इस्लाम में फोटो खिंचवाना नाजायज है। लेकिन पासपोर्ट या अन्य जरूरत के वक्त फोटो खिंचवाया जा सकता है।
फेसबुक या अन्य साइट पर फोटो डालना बिना जरूरत का मामला है। इस लिहाज से यह गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की साइट पर औरत के फोटो डालना कतई जायज नहीं है क्योंकि इससे बेपर्दगी होती है, लेकिन पुरुषों के लिए कुछ हद तक गुंजाइश रहती है।