बहुआ। यमुना नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने लगा है। इससे यमुना तटवर्ती गांवों के किनारे और सड़कों के ऊपर पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के बाशिंदों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही अधिक बाढ़ की संभावना को देखते हुए तहसीलदार विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम में नायब तहसीलदार शशांक सिंह, लेखपाल मनोज कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, अरविंद सिंह और बीरेंद्र कुमार ने ललौली के बाढ़ प्रभावित गांव पलटूपुर और ललौली इंटर काॅलेज स्थित बाढ़ राहत चौकी का निरीक्षण किया। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कोर्राकनक से मैनाही की पक्की सड़क में करीब तीन मीटर ऊपर से पानी बह रहा है।
इससे मैनाही, बड़ी धोबिया, छोटी धोबिया, हड़ाही, बेलखरा, ओनई, डड़ीयार जाने का सड़क मार्ग बंद हो गया है। इन गांवों के ग्रामीण दूसरे मार्ग घनश्याम का डेरा और ओती मार्ग से आना-जाना कर रहे हैं। यमुना नदी का पानी पलटूपुर गांव किनारे खेतों में पहुंच गया है और ललौली की तराई क्षेत्र के खेत भी भर गए हैंं। अब अगर जलस्तर और बढ़ा, तो ललौली कोर्राकनक मुत्तौर मार्ग भी बंद हो जाएगा।
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों कोर्राकनक, मैनाही, हड़ाही, पलटूपुर, अढ़ावल, ललौली, उरौली, दसौली के बाशिंदों की दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं।