फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना की कोख छलनी करने वाली दो मशीनें सीज

Sat, 06 Jun 2015 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुना में खनन माफियाओं द्वारा बनाए बांध के मामले में कमिश्नर वीके सिंह के सस्पेंड होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई में तेजी नजर आई। सदर एसडीएम व तहसीलदार की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई में एक पोकलैंड व एक लिफ्टर  सीज करके ललौली थाने के सुर्पुद कर दिया। इसके अलावा इन दोनों खदान के संचालकों पर खनन संपदा हनन पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

गुरुवार को जिले में एक निजी कार्यक्रम में आए सीएम अखिलेश सिंह यादव से खनन प्रकरण की शिकायत हुई थी। जिस पर सूबे के मुखिया ने मौके पर मौजूद इलाहाबाद के कमिश्नर वीके सिंह को इसके लिए दोषी मानने हुए सस्पेंड कर दिया था। इसके अलावा जिले के प्रशासनिक अमले को भी निशाने पर लेते हुए कार्रवाई कराने की बात कही थी। सीएम स्तर से हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद यमुना की कोख खोखली कर रहे माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार को सदर एसडीएम की टीम ने अढ़ावल घाट पहुंच करके मौके से एक पोकलैंड मशीन सीज कर दिया और अढ़ावल खदान के संचालक महेंद्र सिंह परिहार के विरुद्ध खनन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।  
तहसीलदार सदर की टीम ने ओती घाट से एक लिफ्टर (पनचक्की) सीज करते हुए खदान संचालक राम बहादुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की। जिला खनन अधिकारी एसके सिंह ने खनन एक्ट के तहत खदान संचालकों पर मुकदमा लिखे जाने की पुष्टि की है।
विज्ञापन

इंसेट
कोख छलनी करने वाली मशीनों का शोर थमा
फतेहपुर। यमुना की कोख छलनी करके मौरंग निकालने वाली मशीनों का शोर शुक्रवार को थमा नजर आया। खनन माफियाओं के गुर्गो का जमावड़ा भी नहीं दिखाई दिया। प्रशासनिक  स्तर पर कार्रवाई होने के बाद खनन से जमीनें गंवा रहे जमींदारों ने राहत की सांस ली।

सरकारी दफ्तरों में दिखा ‘सरकार’ का खौफ
- कमिश्नर के सस्पेंड होने के बाद प्रशासनिक व पुलिस विभाग के दफ्तरों में संजीदा दिखे मुलाजिम
सीएम अखिलेश सिंह यादव स्तर से गुरुवार को हुई कमिश्नर के सस्पेंड करने की बड़ी कार्रवाई का भय शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों में साफ देखने को मिला। हरेक विभाग के अधिकारी सकते में नजर आए। फाइलों के ढेर में गड़बड़िया दुरुस्त करने में संबंधित विभागों के मातहत जूझते नजर आए।
खागा तहसील के जिहरवा गांव में पूर्व विधायक वीर अभिमन्यु उर्फ वीरन यादव के आवास आए सीएम ने जिस अंदाज में इलाहाबाद के कमिश्नर पर कार्रवाई का चाबुक चलाया और सरेआम रिश्वत देकर पोस्टिंग कराने के नाम पर सवाल दागे। उससे जिले की पुलिस व प्रशासनिक मशीनरी के होश उड़ गए हैं। आगे किस पर गाज गिर जाए, इसकी चर्चा के साथ विभागीय कामकाज दुरुस्त किए जाते रहे। कलेक्ट्रेट व विकास विभाग के दफ्तरों में प्रशासनिक मशीनरी की तेजी देखते बनी। खनन विभाग में अजीब सा सन्नाटा दिखाई दिया। माफियाओं की सुपुर्दगी में रहने वाले इस दफ्तर में तैनात कर्मचारी फाइलों के बीच माथापच्ची करते हुए गर्दन बचाने में मशगूल दिखाई दिए। इसी प्रकार से पुलिस के दफ्तर भी रुके काम काज को व्यवस्थिति करते देखे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें