फतेहपुर। विधानसभा चुनाव में बाजी मारने के लिए आधी आबादी पर प्रत्याशियों की निगाहें टिकीं हैं। महिलाओं के पक्ष में आने से जीत भी आसान हो जाती है। सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अखिलेश सरकार की महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाएं बता रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी मोदी सरकार की योजनाओं का गुणगान कर रहे हैं। इसके अलावा बसपा प्रत्याशी मायावती की पिछली सरकार का प्रशासन याद दिला रहे हैं।
जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए 23 फरवरी को होने वाले मतदान में 17 लाख 95 हजार 639 मतदाता ईवीएम का बटन दबाएंगे। आधी आबादी की तादाद आठ लाख 17 हजार 742 है। जहानाबाद में एक लाख 31 हजार 942 महिलाएं हैं। बिंदकी में एक लाख 34 हजार 236, सदर में एक लाख 55 हजार 526, अयाहशाह में एक लाख 17 हजार 521, हुसैनगंज में एक लाख 30 हजार 577 और खागा में महिला मतदाताओं की तादाद एक लाख 47 हजार 940 है। इस चुनाव में महिलाओं की जमात से छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें खागा से भाजपा की सिटिंग विधायक कृष्णा पासवान और हुसैनगंज सीट से कांग्रेस व सपा समर्थित ऊषा मौर्या फिर मैदान में हैं। बिंदकी सीट से शाहीन हसन रालोद से किस्मत आजमाने उतरी हैं। इन महिला उम्मीदवारों के साथ शेष तीन महिला प्रत्याशी इन वोटरों को रिझाने मेें जुटीं हैं तो पुरुष प्रत्याशी भी इस मामले में कम फिक्रमंद नहीं। ‘महिलाओं के हित में ऐसा किया गया या जाएगा, वैसा किया गया या किया जाएगा’ कहकर उनके बीच जगह बनाने का प्रयास करते देखे जा रहे हैं। तमाम प्रत्याशियों ने महिला वोटरों को साधने के लिए नाते-रिश्तेदारी की महिलाओं को उतार दिया है।