बिंदकी (फतेहपुर)। पारा गिरते ही ठंड असर दिखाना शुरू कर दिया। ऐसे में दिल के मरीजों की समस्या बढ़ी है। ओपीडी में प्रतिदिन 20 से अधिक हृदय, बीपी और अस्थमा मरीज सीएचसी पहुंच रहे। डॉक्टर ने महिलाओं को ठंड से बचाकर नवजात बच्चों को सुरक्षित रखने की सलाह दी।
चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज अवस्थी ने बताया कि ठंड के दिनों में बुजुर्ग, महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मां अगर ठंड से बचती है तो नवजात सुरक्षित रहेगा। ओपीडी में आने वाली महिलाओं को ठंड से बचाव की सलाह दी। बताया कि इस समय हृदय रोगियों का खास ख्याल रखने की जरूरत है।
डॉ. पंकज ने बताया कि आमतौर पर हृदय की बीमारी 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में होती है, लेकिन आजकल 25 से 30 साल के लोगों में भी यह समस्या होने लगी है। सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। खून को दिल तक पहुंचाने में अधिक जोर लगता है।
इसके कारण हार्ट अटैक, सीने में दर्द और सांस लेने की दिक्कत होने लगती है। दिल की धड़कन बढने के साथ पसीना आने लगता है। महिलाओं और बच्चों को भी ठंड से बचाव करना चाहिए। गर्म कपड़े जरूर पहने। बच्चों को गीले में ना रहने दें।
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इन बातों का रखें ध्यान:-
- धूप निकालने पर धूप में जरूर बैठे।
- शरीर पूरी तरह ढक कर रखें, कान खुले ना रहने दें।
- हल्का फुल्का घर के भीतर ही व्यायाम जरूर करें।
- मोटापे का शिकार लोग सुबह की सैर से परहेज करें।