फोटो 44- मौके पर जांच करती पुलिस। संवाद
थरियांव (फतेहपुर)। मां मैं बेटी थी या मजबूरी। नौ माह कोख में पाला, अपनी सांसों से सींचकर मुझे जीवन दिया। आखिर ऐसा क्या हुआ मां जो मुझे आपने एक पल में अपनी ममता से दूर कर दिया। मैं बड़ी होकर आपका ही सहारा बनती, क्योंकि मुझमें मैं नहीं सिर्फ आप ही थी मां। आज भले ही मैं इस दुनिया में नहीं हूं... लेकिन आपसे से मिला नौ माह तक प्यार कभी नहीं भूलूंगी मां। कुछ ऐसे ही शब्द उस नवजात बच्ची के रह होंगे जिसे कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर झाड़ियों में फेंका गया था।
थरियांव थाना क्षेत्र के कानपुर-प्रयागराज हाईवे के पास शनिवार शाम झाड़ियों के पास एक ग्रामीण मवेशी को हांक रहा था। इसी बीच उसे एक नवजात बच्ची का शव दिखाई दिया। उसके शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण एकत्र हो गए। पुलिस भी पहुंच गई।
पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए। हालांकि बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ता पुष्पेंद्र लोधी व आशुतोष दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि थाना क्षेत्र में कई अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। यहां गर्भस्थ शिशुओं का गर्भपात कराया जाता है। पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी सीएमओ से शिकायत की जाएगी।
एक साल पूर्व भी थाना क्षेत्र के असोथर रोड पर बाइक एजेंसी के बगल में नवजात का शव मिला था। इसके पहले भारतपुर गांव में झाड़ियों में नवजात का शव मिला था। कुतुवापुर गांव के पास तालाब की झाड़ियों में नवजात का शिव मिल चुका है।
फोटो 44- मौके पर जांच करती पुलिस। संवाद