फतेहपुर। मलवां ब्लॉक में आशापुर और अवसेरी खेड़ा के बीच बाढ़ से कटी सड़क पर शुक्रवार शाम करीब सात बजे करीब 10 फीट गहरे पानी में नाव पलट गई। नाव में पांच बच्चों और सात युवकों समेत 12 लोग सवार थे।
नाविक की गैरमौजूदगी में ग्रामीण खुद नाव चला रहे थे। बीच धारा में नाव अनियंत्रित होकर पलटी तो सभी लोग डूबने लगे। अवसेरी खेड़ा के बाबूराम और होरीलाल व औंग एसओ दिनेश कुमार शुक्ला ने साहस दिखाते हुए बच्चों समेत सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अवसेरी खेड़ा और जाड़े के पुरवा के ग्रामीण दोपहर में गलाथा गांव का दंगल और मेला देखने गए थे। शाम को लौटते समय वे आशापुर पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, वहां नाव खड़ी थी, लेकिन दरियापुर का नाविक राकेश मौजूद नहीं था।
ग्रामीणों का दावा है कि राकेश नाव चलाने वाली पतवार अपने साथ लेकर चला गया था। मेला से लौटने वालों की संख्या सैकड़ों में थी। ग्रामीणों ने पतरा और बल्ली के सहारे नाव चलाकर अवसेरी खेड़ा और जाड़े का पुरवा जाने का निर्णय लिया। नाव बीच धारा में पहुंची तो अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। बाबूराम और होरीलाल ने डूब रहे बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला और उन्हें सिर व कंधे पर बैठाकर गांव पहुंचाया। सभी की हालत ठीक बताई जा रही है। नाव में अवसेरी खेड़ा के बाबूराम, होरीलाल, सुरजन, आयुष, कुंदन, वीरेंद्र का नाती छोटू और जाड़े के पुरवा के बैजनाथ समेत तीन अन्य लोग सवार थे।
सूचना पर औंग पुलिस एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक दिनेश शुक्ला ने बताया कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे के समय पुलिस मेला ड्यूटी पर थी। रात में कटे मार्ग के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया।
एसडीएम निशांत तिवारी ने बताया कि सभी लोग सकुशल हैं और मौके पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी में हायर नाविक मौजूद होने की बात सामने आई है। ग्रामीण नाविक के न होने की बात कह रहे हैं। दोनों पक्षों की जानकारी की जांच कराई जाएगी।
फोटो-36-नाव के लिए बारी आने के इंतजार में खड़े ग्रामीण। संवाद