फतेहपुर। प्रशासन की अनदेखी से तालाब में पानी भराने का काम ठंडे बस्ते में है। जिले के 80 फीसदी तालाब सूखे हैं। घुमंतू मवेशियों व पक्षियों को गर्मी में प्यास बुझाने के लिए जंगल में भटकना पड़ रहा है। प्यास बुझाने के लिए ये मवेशी निजी नलकूपों के आसपास रहते हैं।
प्रशासन ने जिले के करीब 1500 तालाबों में पानी भराने की सूची तैयार की है। राजकीय नलकूप खंड, निचली गंगा नहर व रामगंगा नहर को पानी भराने की जिम्मेदारी दी गई है। अप्रैल महीना खत्म होने के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं ने पानी भराने की सुधि नहीं ली है। गर्मी की प्रचंडता से पानी की समस्या बढ़ गई है। नहरों में पानी न आने की वजह से रामगंगा व निचली गंगा नहर से तालाबों को नहीं भरा जा रहा है। जरौली पंप कैनाल व राजकीय नलकूप खंड से भी पानी भराने का काम शुरू नहीं हुआ है। खजुहा, बहुआ, विजयीपुर, धाता ऐरायां, हथगाम, हसवा ब्लाक क्षेत्र में पानी की अधिक समस्या है। यहां के लोगों को अपने पालतू मवेशियों को भी पानी पिलाने में परेशानी उठानी पड़ती है। कुछ लोगों ने अपने निजी नलकूप से तालाब में पानी भर लिया है। उसमें पूरे गांव के लोग मवेशियों को पानी पिलाने आते हैं।
सीडीओ चांदनी सिंह का कहना है कि वह बुधवार को इसकी समीक्षा करेेंगी। अब तक तालाबों में पानी भर जाना चाहिए था। सभी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।
8- इस तपती गर्मी में जिंदगी के लिए एक-एक बूंद ही काफी। फोटो जगन्नाथ प्रजापति
24- रेलवे स्टेशन का खराब हैंडपंप। अमर उजाला
रेलवे स्टेशन का हैंडपंप खराब
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। तापमान में गिरावट होने के बाद भी गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन में लगा हैंडपंप खराब है। यात्रियों को नल के गर्म पानी से प्यास बुझानी पड़ती है। पिछले सप्ताह से तीन डिग्री अधिकतम पारा गिरा है। मंगलवार को अधिकतम पारा 38 डिग्री रिकार्ड किया गया, लेकिन न्यूनतम पारा में गिरावट नहीं हुई है। यह 26 डिग्री है। इसके बाद भी धूप में लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि तीन मई तक आंधी और आसमान में बादल रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान और बढ़ेगा।