फतेहपुर। शहर में पेयजल संकट बढ़ने लगा है। जलस्तर घटने से शहर के नलकूपों की जलापूर्ति क्षमता प्रति मिनट 1200 लीटर से घटकर 900 लीटर प्रति मिनट पहुंच गई है। जिससे पानी के साथ बालू भी आनी शुरू हो गई है। कई नलकूपों में नगर पालिका को क्षमता से अधिक पाइप जोड़कर आपूर्ति लेनी पड़ रही है। लोड बढ़ने के कारण नलकूपों के मोटर फुंकने का सिलसिला शुरू है। एक महीने में सात मोटर पंप फुंक चुके हैं। इस दौरान 67 लाख 68 लीटर पानी की आपूर्ति कम हो गई है।
शहर की दो लाख आबादी को जलापूर्ति के लिए नगर पालिका के पास 47 नलकूप हैं। सामान्य तौर पर प्रत्येक नलकूप एक मिनट में 1200 लीटर पानी की आपूर्ति करता है। ऐसे में प्रत्येक नलकूप आठ घंटे में 72 लाख 76 हजार लीटर पानी की आपूर्ति करता है। इस तरह से सभी 47 नलकूपों से शहरवासियों को कुल दो करोड़ 70
लाख 72 हजार लीटर पानी मिलता है। इससे प्रति व्यक्ति के हिस्से में 135 लीटर पानी आता है। इधर महीनेभर से 15 से 20 फीट जलस्तर नीचे खिसकन से जलापूर्ति घटकर प्रति नलकूप 900 लीटर रह गई है। इस तरह से अब पूरे शहर को कुल दो करोड़ तीन लाख 40 हजार लीटर ही जलापूर्ति मिल रही है। नगर पालिका के आंकड़े बताते हैं कि इधर एक महीने से अब प्रति व्यक्ति 101 लीटर पानी ही मिल रहा है। अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं होती है, तो अभी जलापूर्ति और प्रभावित होना तय है।
जलकल के अवर अभियंता विजय कुमार का कहना है कि जलस्तर घटने से जलापूर्ति खासा प्रभावित हुई है। प्रत्येक नलकूप की जलापूर्ति पर करीब 25 प्रतिशत असर पड़ा है। लोड बढ़ने के कारण मोटरें फुंक रही हैं। जल्द बारिश न होने पर दिक्कत बढ़ सकती है।
जलस्तर घटने से नलकूपों में लगी मोटरों पर लोड बढ़ गया है। जिस कारण महीनेभर में सात मोटर पंप फुंक चुके हैं। स्थिति यह है कि हर तीसरे चौथे दिन एक मोटर फुंकने से नलकूप बंद हो जाता है। नगर पालिका के पास स्टोर
में अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मोटर फुंकने पर नलकूप तीन से चार दिन बंद रहता है। नगर पालिका आवास विकास, पचास नंबर गेट और सरांय में लगे नलकूपों पर 20-20 फीट बोरिंग में पाइप जोड़कर जलापूर्ति ले रही है। इनके अलावा 20 नलकूपों में जलापूर्ति की स्थिति अच्छी न होने के कारण नगर पालिका पाइप जोड़ने पर विचार कर रही है।