कांशीराम शहरी आवास योजना के आवंटियों में गरमी की आहट से पहले ही पिछली गरमी में पानी को लेकर जिस संकट से गुजरना पड़ा था, उसका अहसास सालने लगा है। गंदगी व जल निकासी समस्या के साथ गड़रियनपुरवा स्थित इस कालोनी में पेयजल समस्या किसी चुनौती से कम नहीं है।
आवंटियों के लिए ओवरहेड टैंक व ट्यूबवेल का निर्माण कराए जाने के बावजूद आवंटियों को हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। हैंडपंपों में एक तिहाई स्वच्छ पेयजलापूर्ति नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन स्तर पर पेयजलापूर्ति चालू कराने की पहल नहीं की गई तो गरमी में एक बार फिर से हाय-तौबा होगी
कांशीराम कालोनी गड़रियनपुरवा में सुविधाएं मयस्सर होने के बावजूद वहां भीषण समस्याएं हैं। गंदगी के ढेर और बजबजाती नालियां इस कालोनी की पहचान बन चुकी हैं।
सीवर लाइन टूटने से कई फ्लैटों के सामने गंदगी का साम्राज्य फैला नजर आया। ओवरहेड टैंक व इसी के समानांतर बना ट्यूबवेल शो-पीस बना दिखाई दिया।
पेयजलापूर्ति शुरू नहीं होने से पेयजलापूर्ति को कालोनियों के बाहर लगवाए गए स्टैंडपोस्ट की टोटियां गायब हो चुकीं हैं। दैनिक उपयोग के साथ प्यास बुझाने के लिए यहां पर केवल हैंडपंप सुविधा ही दिखाई दी। एक दर्जन हैंडपंपों में चार में अभी से गंदा पानी आ रहा है। जाहिर है कि गरमी में इनका हांफना तय हैं।
- ‘बसने आए थे तो लगा था कि अब समस्याओं के लिए नहीं रोना होगा, लेकिन यह सोचना भूल रही। गरमी में एक एक बाल्टी के लिए हायतौबा मचती है’।
- चांद बीबी
कालोनी आबाद होने के बाद प्रशासन ने समस्याओं के निस्तारण के लिए खास गौर नहीं किया। एक सफाई कर्मी पूरी कालोनी के लिए लगाया गया है। सीवर लाइन से लेकर सेफ्टिक टैंक का बुरा हाल है’।
- जावित्री
- पीने का पानी भले न मिल रहा हो लेकिन नालियां जरूर गंदे पानी से उफना रहीं हैं। पिछली गरमी में तड़के से पानी के लिए हैंडपंप में लाइन लगाई थीं। इस बार भी यही आसार दिखाई दे रहे हैं’।
- शहंशांह
‘ पेयजल समस्या से निपटने के लिए इस गरमी भी पूरे परिवार के साथ बाल्टी लेकर बाहर निकलना होगा। यदि ओवरहेड टैंक चालू हो जाए तो पेयजल की समस्या से छुटकारा मिल सकता है’।