जिला कारागार का निरीक्षण करते डीजे नीरज निगम
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अफसरों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। दो घंटे तक कैदियों के बीच रहे अफसरों ने उनकी सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। डीएम ने जेल चिकित्सक और फार्मासिस्ट को कड़ी चेतावनी दी। कैदियों की थाली में परोसे जाने वाले पके चावल को जमीन पर देखकर जिला जज ने कारागार प्रशासन को आगाह किया।
गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे जिला जज नीरज निगम, डीएम कुमार प्रशांत और एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने जेल का औचक निरीक्षण किया। कारागार में अफसर कैदियों से मिले और उनकी समस्याएं जानीं। तमाम कैदियों ने बीमार होने की बात बताई। डीएम ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अब्दुल हक को तलब कर सवाल जवाब किए। कहा अस्पताल पर पूरा समय दें। मर्ज के हिसाब से इलाज करें।
नसीहत देते समय डीएम की नजर दवा वितरण केंद्र में रखी एक एक्सपायरी डेट की दवा पर पड़ गई। उन्होंने पत्ता मंगवा कर एक्सपायरी देखी तो वह डेट निकल गई थी। इस पर फार्मासिस्ट परशुराम वर्मा को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई। चिकित्सक से कहा कि कैदियों का इलाज ढंग से करें।
महीने में एक बार मेडिकल चेकअप कैंप लगवाएं। मरीजों का पूरा ख्याल रखा जाए। गंभीर बीमार होने पर कैदियों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया जाए। मेस के निरीक्षण में जिला जज को कैदियों को परोसा जाने वाला पका चावल जमीन पर बिछा दिख गया। इस पर उन्होंने जेल अधीक्षक विनोद कुमार सिंह को बुलाकर कैदियों को इस तरह से भोजन न खिलाने की नसीहत दी। जिला जज ने कैदियों के बारे में जेल प्रशासन से जानकारी ली।