धाता। खरसेडवा और धाता विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े करीब 100 गांव लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। सिराथू से आने वाली 33 केवीए लाइन में बार-बार फॉल्ट आने के कारण रात में बिजली चली जाती है और अगले दिन दोपहर तक ही लौटती है। बृहस्पतिवार रात गई बिजली शुक्रवार दोपहर को बहाल हो सकी। इससे ग्रामीण उमस भरी रात में सो नहीं सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। मई-जून में विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर पोल, तार और इंसुलेटर बदले थे और भरोसा दिया था कि समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन गर्मी भर हर रोज 10 से 12 घंटे बिजली कटौती होती रही। बिजली न होने के कारण पानी की भी किल्लत हो गई।
अवर अभियंता अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल लो-वोल्टेज की समस्या दूर हो गई है। लेकिन सिराथू से जुड़ी 16 किलोमीटर लंबी लाइन में फॉल्ट आने पर खेत-खलिहानों के बीच उतरकर खराबी खोजनी पड़ती है। इससे आपूर्ति बहाल करने में वक्त लग जाता है।