खागा। फतेहपुर टेकारी में गुरुवार की दोपहर बाद बूंदी तिवारी और उसके भाई ने जो खूनी खेल खेला है, उसके बाद गांव में उनकी दहशत ऐसी फैली की कोई भी ग्रामीण परिवार की मदद को आगे आता नहीं दिखा। दंपती के शव शाम को पहुंचे, लेकिन उनके अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों ने मदद के नाम पर खुद को दूर रखा।
रिश्तेदार पहुंचे और उन्होंने गांव के बाहर नलकूप के पास लकड़ी आदि सामग्री जुटाकर अंतिम संस्कार की तैयारी की। शनिवार सुबह अंतिम संस्कार की बात परिजन कर रहे हैं। पुलिस मुस्तैद दिखी।
कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर टेकारी निवासी धर्मेंद्र उर्फ धन्नू तिवारी व उनकी पत्नी रोली तिवारी की भाई बूंदी, शुभम ने मिलकर गुरुवार दोपहर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इस प्रकरण में रोली के पिता शशि प्रकाश द्विवेदी की तहरीर पर परिवार के छह लोग व दो से तीन अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। पोस्टमार्टम हाउस से धर्मेंद्र व रोली के शव शाम करीब छह बजे गांव पहुंचे। बताया गया कि शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी गांव के बाहर नलकूप के पास खेत पर की गई। इस दौरान गांव का कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। रिश्तेदारों के सहयोग से सारी तैयारियां की गई। ग्रामीणों को लग रहा है कि परिवार की मदद के लिए आगे आने का मतलब हत्यारोपियों से दुश्मनी मोल लेना है। पुलिस पोस्टमार्टम से लेकर गांव तक मुस्तैद रही। रिश्तेदारों ने शाम होने की वजह से अंतिम संस्कार से मना कर दिया। हालांकि पुलिस अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाती दिखी। वह राजी नहीं हुए। प्रशासन व रिश्तेदारों के बीच बातचीत चली कि दंपती के शव को मुखाग्नि तीन वर्षीय बच्चे कृष्णा से दिलाई जाएगी।
सिर में चोट से मौत, रोली के 20 और धर्मेंद्र के शरीर पर 11 घाव
फतेहपुर। दंपती को किसी हालत में आरोपी जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुई है। दोनों की मौत सिर में धारदार हथियार के गहरे घाव से हुई है। रोली के सिर व शरीर में 20 चोट के निशान हैं। वहीं धर्मेंद्र के सिर व शरीर पर 11 घाव मिले हैं। चोटों से जाहिर है कि धर्मेंद्र से अधिक नाराजगी रोली के प्रति आरोपियों के मन में रही होगी।
उधर, पुलिस ने दिवंगत धर्मेंद्र की मां और एक बहन को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे घटना के कारणों को लेकर बिंदुवार पूछताछ कर रही है। उनसे नजदीकी रिश्तेदारों के घरों व अन्य छिपने के संभावित स्थानों की पूछताछ कर रही है। एसओजी व खागा कोतवाली की गठित टीमें हत्यारोपियों की तलाश में नौ से 10 ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में उनके गैरप्रांतों में रहने वाले भाइयों के घर भी रवाना हो सकती है।